छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर जयपुर में छात्रों का विधानसभा कूच, वीडियो में देंखे बैरिकेड्स पर चढ़कर नारेबाजी; कई छात्र डिटेन
राजस्थान में छात्र संघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को छात्रों ने जयपुर में विधानसभा घेराव के लिए कूच किया। प्रदर्शन की शुरुआत 22 गोदाम सर्किल के पास स्थित पेट्रोल पंप के नजदीक से हुई। बड़ी संख्या में छात्र वहां जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश की।प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही 22 गोदाम सर्किल के आसपास बैरिकेड्स लगा रखे थे। जैसे ही छात्रों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान कई छात्र बैरिकेड्स पर चढ़ गए और जोर-जोर से नारेबाजी करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने छात्रों को पीछे खदेड़ा।
विरोध बढ़ने के बाद पुलिस ने कई छात्र नेताओं और प्रदर्शनकारियों को डिटेन कर लिया। पुलिस उन्हें बसों और अन्य वाहनों के जरिए थाने लेकर गई। मौके पर काफी देर तक छात्रों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।छात्र नेता नीरज खीचड़ ने कहा कि राजस्थान में पिछले चार साल से छात्र संघ चुनाव नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्र लगातार चुनाव कने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से इस दिशा में कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। नीरज खीचड़ के मुताबिक, उनकी टीम ने पिछले 10 दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर छात्रों को आंदोलन से जोड़ने का काम किया और बड़ी संख्या में छात्रों को एकजुट किया।
छात्र नेता ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार में ऐसे कई लोग हैं, जो खुद छात्र राजनीति से निकलकर आगे आए हैं। इसके बावजूद अब छात्र संघ चुनाव कराने से सरकार पीछे हट रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार को डर है कि पढ़ा-लिखा युवा राजनीति की मुख्यधारा में आ जाएगा।नीरज खीचड़ ने कहा कि अगर छात्र मुख्यधारा की राजनीति में आएगा तो परिवारवाद की राजनीति को चुनौती मिलेगी। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब छात्र राजनीति से निकले लोग आज सत्ता में हैं तो वर्तमान छात्रों को चुनाव लड़ने का अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा।
छात्र नेता ने कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने छात्र संघ चुनाव पर रोक लगाई थी। उनके मुताबिक, यही वजह है कि कांग्रेस आज सत्ता में नहीं है। उन्होंने मौजूदा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्र संघ चुनाव बहाल नहीं किए गए तो आने वाले समय में सरकार को भी इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि छात्र संघ चुनाव केवल कॉलेज और विश्वविद्यालयों की राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया और नेतृत्व का अनुभव मिलता है। छात्रों का कहना है कि चुनाव के जरिए नए नेतृत्व को आगे आने का अवसर मिलता है।विधानसभा घेराव की कोशिश को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। कई छात्रों को हिरासत में लिए जाने के बाद भी आंदोलनकारी अपनी मांग पर कायम रहे। छात्र नेताओं ने संकेत दिया है कि सरकार ने जल्द चुनाव कराने को लेकर फैसला नहीं लिया तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।