जयपुर के मूक-बधिर स्कूल में छात्रों का हंगामा: शौचालय, पानी और जर्जर भवन की समस्याओं पर फूटा गुस्सा
राजधानी जयपुर के राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार मूक-बधिर उच्च माध्यमिक स्कूल में बुधवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने स्कूल की मूलभूत सुविधाओं की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने शौचालयों की खराब स्थिति, पेयजल संकट और जर्जर स्कूल भवन को लेकर नाराजगी जताते हुए प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि स्कूल में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। शौचालयों की नियमित सफाई नहीं होने से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा स्कूल परिसर में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं है, जिससे विशेष रूप से दिव्यांग विद्यार्थियों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
छात्रों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। उनका कहना है कि स्कूल भवन भी काफी जर्जर हो चुका है। भवन के कई हिस्सों में दीवारों और छतों की स्थिति खराब है, जिससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। ऐसे माहौल में पढ़ाई करना उनके लिए मुश्किल हो गया है।
दिव्यांग विद्यार्थियों ने सांकेतिक भाषा और पोस्टर के माध्यम से अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं। उनका कहना है कि उन्हें बेहतर शिक्षा के साथ सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण मिलना चाहिए। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। प्रशासन ने कहा कि शौचालयों की सफाई, पेयजल व्यवस्था और भवन की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने सरकारी स्कूलों में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए संचालित संस्थानों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विद्यार्थियों की मांगों पर कब तक अमल होता है।