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जयपुर में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान, चारों जिलों में नाकाबंदी से होगी कार्रवाई

 

अगर आप रात के समय पार्टी करने के बाद शराब पीकर गाड़ी चलाते हैं, तो सावधान हो जाइए। जयपुर में नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देश पर राजधानी में शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले चालकों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया है। 23 अक्टूबर से शहर के चारों जिलों में नाकाबंदी कर ऐसे वाहन चालकों पर नजर रखी जा रही है।

इस अभियान का उद्देश्य शराब पीकर वाहन चलाने से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाना है। पुलिस की इस कार्रवाई से उन वाहन चालकों पर शिकंजा कसने की तैयारी है, जो पार्टी या समारोह के बाद नशे की हालत में सड़कों पर वाहन लेकर निकलते हैं।

चारों जिलों में नाकाबंदी, चालकों की होगी जांच

जयपुर पुलिस ने अभियान के तहत शहर के चारों जिलों में नाकाबंदी की व्यवस्था की है। इसके जरिए रात के समय आवाजाही करने वाले वाहन चालकों की जांच की जा रही है। पुलिस का ध्यान विशेष रूप से उन चालकों पर है, जिनके शराब पीकर वाहन चलाने की आशंका है।

शराब के नशे में वाहन चलाने से चालक की निर्णय लेने की क्षमता, प्रतिक्रिया देने की गति और सड़क पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में वाहन पर नियंत्रण खोने और दुर्घटना होने का खतरा बढ़ जाता है। इसीलिए पुलिस ने नशे में ड्राइविंग के मामलों को गंभीरता से लेते हुए अभियान शुरू किया है।

पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर कार्रवाई

पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देश पर शुरू किए गए अभियान के तहत नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नाकाबंदी के दौरान संदिग्ध चालकों की जांच कर शराब पीकर वाहन चलाने की पुष्टि होने पर कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस की इस पहल का मकसद केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी है। शराब पीकर वाहन चलाने का फैसला चालक के साथ सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की जान को भी जोखिम में डाल सकता है।

पार्टी के बाद खुद ड्राइव करने से बचें

त्योहारों, पार्टियों और सामाजिक आयोजनों के दौरान देर रात तक लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में जरूरी है कि शराब का सेवन करने के बाद कोई भी व्यक्ति खुद वाहन न चलाए। इसके बजाय कैब, टैक्सी या किसी ऐसे व्यक्ति की मदद लेनी चाहिए, जिसने शराब न पी हो।

जयपुर में 23 अक्टूबर से शुरू हुआ यह अभियान नशे में वाहन चलाने वालों के लिए चेतावनी है। पुलिस की नाकाबंदी और जांच के बीच वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित तरीके से घर पहुंचने को प्राथमिकता देनी चाहिए।