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सीकर में महिला छात्र नेता सखी का बयान, बोलीं- स्टूडेंट्स यूनिटी पूरे देश की सरकार को झुकाने का काम करेगी

 

सीकर में महिला छात्र नेता सखी ने छात्र एकता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब छात्र एकजुट होकर किसी मुद्दे को लेकर आवाज उठाते हैं तो सरकारों को भी अपने फैसलों पर विचार करना पड़ता है। सखी ने कहा कि स्टूडेंट्स यूनिटी पूरे देश की सरकार को झुकाने का काम करेगी।

छात्र नेता ने कहा कि किसी भी आंदोलन या संघर्ष में एकजुटता सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने किसानों के आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि किसानों की एकजुटता के बाद केंद्र सरकार को तीन कृषि कानून वापस लेने पड़े थे। इसी तरह उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को भी छात्र एकता और आंदोलन से जोड़कर पेश किया।

एकजुटता को बताया सबसे बड़ी ताकत

सखी ने कहा कि कोई भी लड़ाई अकेले नहीं जीती जा सकती। जब छात्र अपने मुद्दों को लेकर एकजुट होकर संघर्ष करते हैं तो उनकी आवाज ज्यादा मजबूती से सामने आती है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने अधिकारों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठित रहें। छात्र नेता ने कहा कि अलग-अलग आवाजों के बजाय एक साथ उठाई गई आवाज का असर ज्यादा व्यापक होता है।

किसानों के आंदोलन का दिया उदाहरण

सखी ने अपने बयान में किसानों के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों ने एकजुट होकर लंबे समय तक संघर्ष किया और आखिरकार केंद्र सरकार को तीन कृषि कानून वापस लेने पड़े। उन्होंने इसे सामूहिक आंदोलन की ताकत का उदाहरण बताया।

उनका कहना था कि छात्र भी यदि अपने मुद्दों को लेकर संगठित होकर आवाज उठाएं तो सरकार तक उनकी बात मजबूती से पहुंच सकती है।

शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन का संकेत

महिला छात्र नेता ने अपने बयान में शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी एकजुट होने की बात कही। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में स्टूडेंट्स यूनिटी को और मजबूत किया जाएगा, ताकि देशभर के विद्यार्थियों की आवाज एक मंच से उठाई जा सके।

'कोई भी लड़ाई साथ लड़कर जीती जाती है'

सखी ने कहा कि किसी भी लड़ाई को जीतने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना जरूरी है। उन्होंने छात्रों से आपसी मतभेद भुलाकर एक साथ आने की अपील की।

उनके बयान के बाद छात्र राजनीति में इसे संगठन और आंदोलन को मजबूत करने के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, उनके द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र आंदोलन से जोड़ने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी से नहीं होती।