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बस स्टैंड के पास गुमटी से चल रहा था रोडवेज को चपत लगाने का नेटवर्क, एसटी युवक गिरफ्तार

 

शहर के चारमूर्ति चौराहा क्षेत्र से एक ऐसे एसटी युवक को गिरफ्तार किया गया है, जो वर्षों से रोडवेज को राजस्व की चपत लगा रहा था। आरोपी की चालाकी इतनी थी कि वह बस स्टैंड के पास ही एक छोटी गुमटी से रोडवेज अधिकारियों और रोडवेज फ्लाइंग टीम की गतिविधियों की जानकारी प्रदान करता था, जिससे परिचालकों और स्टाफ पर नजर रखी जाती थी।

सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने परिचालकों को फ्लाइंग टीम के आने की सूचना देकर रिमार्क लगाने जैसी कार्रवाई को नियंत्रित किया। इससे कई वर्षों तक रोडवेज को आर्थिक हानि होती रही, लेकिन उसके नेटवर्क का पता नहीं चल सका। पुलिस की खुफिया टीम और मुखबिर की मदद से आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली।

पुलिस ने बताया कि आरोपी कई सालों से चालबाजी करता रहा और बस स्टैंड पर मौजूद गुमटी से रोडवेज के संचालन पर नजर रखता था। उसके द्वारा दी जाने वाली सूचनाओं के आधार पर परिचालकों और स्टाफ ने नियमों के दायरे में कई बार छेड़छाड़ और असामान्य गतिविधियों को अंजाम दिया।

विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन जैसे महत्वपूर्ण विभाग में इस तरह की आर्थिक गड़बड़ी को रोकने के लिए निरंतर निगरानी और पारदर्शिता आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मुखबिर और खुफिया तंत्र की मदद से ही लंबे समय से चल रहे नेटवर्क का पर्दाफाश संभव हो सका।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि आरोपी के संपर्कों और सहयोगियों का पता लगाने के लिए कार्रवाई जारी है, ताकि पूरी साजिश उजागर की जा सके।

स्थानीय जनता और रोडवेज कर्मियों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया। उनका कहना है कि लंबे समय से इस प्रकार की धांधली और राजस्व हानि को लेकर शिकायतें उठती रही हैं। अब आरोपी के गिरफ्तारी से विभाग को राहत मिलेगी और सार्वजनिक परिवहन में पारदर्शिता बढ़ेगी।

विशेषज्ञों ने इस घटना से यह संदेश भी दिया कि सरकारी संस्थानों में भ्रष्टाचार और राजस्व हानि रोकने के लिए आधुनिक तकनीक, निगरानी और सतर्क कर्मचारी बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गिरफ्तारी भविष्य में समान घटनाओं को रोकने के लिए उदाहरण बनेगी।

कुल मिलाकर, चारमूर्ति चौराहा और बस स्टैंड के पास गुमटी से चल रहे इस रोडवेज चपत नेटवर्क का पर्दाफाश पुलिस के लिए बड़ी सफलता है। आरोपी की गिरफ्तारी से विभाग को आर्थिक हानि से राहत मिलेगी और भविष्य में ऐसे नेटवर्क को रोकने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।