सोनम वांगचुक हिरासत मामला: सुप्रीम कोर्ट ने पेनड्राइव सीलबंद कर पेश करने के दिए निर्देश
लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता और इंजीनियर Sonam Wangchuk की हिरासत को चुनौती देने वाले मामले में Supreme Court of India में सोमवार (16 फरवरी) को सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए जोधपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक को निर्देश दिया कि वांगचुक के पास मौजूद पेनड्राइव को सीलबंद बॉक्स में अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
बताया जा रहा है कि इस पेनड्राइव में वांगचुक के 23 भाषणों के वीडियो होने का दावा किया गया है, जिन्हें उनकी हिरासत का आधार बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इनमें से चार महत्वपूर्ण वीडियो उन्हें उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे हिरासत की वैधता पर सवाल खड़े होते हैं।
यह मामला National Security Act (NSA) के तहत की गई हिरासत से जुड़ा है। याचिका में दलील दी गई है कि यदि सभी साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए गए तो हिरासत की प्रक्रिया प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं मानी जा सकती।
अदालत का यह आदेश सबूतों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। अब पेनड्राइव के सीलबंद रूप में अदालत के समक्ष प्रस्तुत होने के बाद ही आगे की सुनवाई में हिरासत की वैधता पर विस्तृत विचार किया जाएगा।