लिपिक भर्ती 2013 की जांच एसओजी करेगी, फर्जीवाड़े के आरोपियों में हड़कंप
राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को बड़ा बयान आया। पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने घोषणा की कि वर्ष 2013 में हुई लिपिक भर्ती की जांच अब एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) करेगी। इस घोषणा के बाद भर्ती में कथित फर्जीवाड़े के आरोपियों में हड़कंप मच गया है।
भर्ती और जांच की पृष्ठभूमि
2013 में हुई लिपिक भर्ती को लेकर लंबे समय से विवाद और आरोप सामने आ रहे थे। कई उम्मीदवारों और सामाजिक संगठनों ने यह दावा किया था कि चयन प्रक्रिया में अनियमितताएं और फर्जीवाड़ा हुआ। आयोग और संबंधित विभागों द्वारा इस पर पहले भी कई बार जांच की गई, लेकिन विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।
अब पंचायती राज मंत्री की घोषणा के बाद इस मामले की जांच एसओजी करेगी। इसका मतलब है कि अब मामले की गंभीरता और व्यापकता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच शुरू होगी।
एसओजी की भूमिका
एसओजी, जो विशेष ऑपरेशन और गंभीर मामले की जांच के लिए जानी जाती है, इस भर्ती की प्रक्रिया, दस्तावेज और चयन मानदंड की गहन जांच करेगी। अधिकारी उम्मीदवारों की मेरिट, परीक्षा परिणाम और दस्तावेज़ों की प्रामाणिकता को भी सत्यापित करेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि एसओजी की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कहीं भर्ती में किसी प्रकार की धोखाधड़ी या नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। यदि किसी पर फर्जीवाड़े का आरोप साबित होता है, तो संबंधित अधिकारियों और उम्मीदवारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भर्ती में कथित फर्जीवाड़े का असर
पिछले वर्षों में इस भर्ती को लेकर उम्मीदवारों में असंतोष और सामाजिक दबाव बढ़ा। कई मामलों में कोर्ट में भी याचिकाएं दायर की गईं। अब एसओजी की जांच से यह मामला न्यायिक और प्रशासनिक रूप से स्पष्ट होगा।
मंत्री का बयान और आगामी कार्रवाई
मदन दिलावर ने विधानसभा में कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भर्ती प्रक्रिया में दोष पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की यह घोषणा न केवल भर्ती में फर्जीवाड़े के आरोपियों के लिए चेतावनी है, बल्कि भविष्य में सभी सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का संदेश भी देती है।