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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर डेढ़ करोड़ की स्मैक बरामद, 6 तस्कर गिरफ्तार; 3 फरार

 

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्कॉर्पियो से करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत की स्मैक बरामद की है। मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य के फरार होने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तस्करी के इस नेटवर्क में पति-पत्नी की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि पत्नी ड्रग्स की डील करती थी, जबकि पति नशीले पदार्थों की सप्लाई करता था।

स्कॉर्पियो से मिली डेढ़ करोड़ की स्मैक

पुलिस ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कार्रवाई के दौरान स्कॉर्पियो से स्मैक बरामद की। जब्त नशीले पदार्थ की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि, बरामद स्मैक की सही मात्रा, कार्रवाई की सटीक जगह और आरोपियों के नाम की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि नशीले पदार्थ कहां से लाए गए थे और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

पत्नी करती थी डील, पति पर सप्लाई का आरोप

मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल एक दंपती पर नशे के कारोबार में अलग-अलग भूमिका निभाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि पत्नी ग्राहकों से ड्रग्स की डील करती थी, जबकि पति नशीले पदार्थों की सप्लाई का काम करता था।

हालांकि, दंपती की पहचान और उनके खिलाफ सामने आए आरोपों का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध नहीं है। इन आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होगी।

छह गिरफ्तार, तीन आरोपियों की तलाश

इस मामले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। वहीं, तीन आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस फरार लोगों की तलाश में जुटी है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा सकता है कि सभी आरोपी एक ही नेटवर्क से जुड़े थे या उनकी भूमिका अलग-अलग थी।

नशा तस्करी के मामलों में सप्लाई चेन, संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की जांच महत्वपूर्ण होती है। इससे तस्करी के नेटवर्क और उसके अन्य संभावित सदस्यों का पता लगाने में मदद मिल सकती है।

तस्करी के नेटवर्क की जांच जारी

करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत की स्मैक की बरामदगी के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ सकता है। फिलहाल, बरामदगी, गिरफ्तार आरोपियों और फरार लोगों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के लिए विस्तृत आधिकारिक जानकारी जरूरी है।