नीमच CRPF कैंपस में मिला जवान का कंकाल, 44 दिन से था लापता; हत्या की आशंका से बढ़ी चिंता
मध्यप्रदेश के नीमच में स्थित भारी सुरक्षा वाले सीआरपीएफ कैंपस के भीतर एक जवान का कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक जवान राजस्थान का निवासी था और पिछले 44 दिनों से लापता बताया जा रहा था। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और कैंपस के अंदर की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कैंपस के एक सुनसान हिस्से में कंकाल मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल को तुरंत सील कर दिया गया और फोरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया। प्रारंभिक जांच में कंकाल के पास से कुछ व्यक्तिगत सामान भी बरामद हुआ है, जिसके आधार पर उसकी पहचान लापता जवान के रूप में की जा रही है। हालांकि, अंतिम पुष्टि डीएनए जांच के बाद ही की जाएगी।
बताया जा रहा है कि संबंधित जवान पिछले डेढ़ महीने से ड्यूटी से अचानक गायब था, जिसके बाद उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिलने के बाद अब उसी कैंपस के भीतर कंकाल मिलने से मामला और रहस्यमय हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इतनी कड़ी सुरक्षा वाले परिसर के भीतर यह घटना कैसे घटित हुई और इतने दिनों तक किसी को इसकी भनक क्यों नहीं लगी।
इस बीच, जवान के परिजनों ने इस पूरे मामले में हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि उनका बेटा अचानक बिना किसी कारण के लापता नहीं हो सकता और कैंपस के अंदर कंकाल मिलना कई गंभीर संदेह पैदा करता है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। हत्या, आत्महत्या या किसी अन्य कारण से मौत—हर एंगल से मामले की पड़ताल की जा रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
वहीं, इस घटना के बाद सीआरपीएफ कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। आमतौर पर इस तरह के कैंपस में चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रहती है, ऐसे में इतने लंबे समय तक किसी का लापता रहना और फिर अंदर ही कंकाल मिलना एक बड़ी चूक की ओर इशारा करता है।
फिलहाल, पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारी मामले की गहराई से जांच में जुटे हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस रहस्यमय घटना से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की संभावना है। यह मामला न केवल एक जवान की मौत का है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा भी बन गया है।