Udaipur के ओगणा में शादी में किन्नर धर्म की बहनो ने निभाई पीहर पक्ष की भूमिका
उदयपुर न्यूज़ डेस्क, किन्नरों को अब तक हमने शादी समारोह या अन्य किसी खुशी के मौके पर नाचते-गाते, बधाई मांगते हुए देखा होगा। लेकिन एक शादी में किन्नरों ने उदयपुर में एक पीहर पक्ष की भूमिका अदा करते हुए मायरा भरा। किन्नरों ने ओगणा कस्बें में हुई शादी में मायरे में कान के झूमके, पायजेब, नकदी और कपड़े भी दिए। मेवाड़ में किन्नरों द्वारा मायरा भरने का यह पहला उदाहरण है, जिसे देखने के लिए भीड़ भी जमा हो गई।
दरअसल अपनी धर्म बहिन कैलाशीदेवी पत्नी देवीलाल खटीक के पुत्र विष्णु के विवाह के दौरान ओगणा के किन्नर परिवार के मुखिया ललिता ने मायरा भरा। हालांकि किन्नर समुदाय के मुखिया ललिता के साथ ही कैलाशी देवी के पीहर पक्ष से भी लोग मायरा लेकर आए थे। इस दौरान सभी किन्नर ढोल नगाड़ों की थाप पर जश्न मनाते हुए वैवाहिक स्थल पर पहुंचे और पारंपरिक अंदाज में रस्मों को निभाया।
करीब पांच वर्ष पूर्व किन्नर परिवार के मुखिया ओगणा में रहने आए थे, उन्हें मकान किराए पर तब किसी ने नहीं दिया। देवीलाल खटीक ने उन्हें अपना घर किराए पर रहने को दिया था। इन्ही के घर में सभी पांच वर्ष किराए पर रहने के कारण इनका पारिवारिक रिश्ता बन गया और देवीलाल की पत्नी कैलाशी देवी को किन्नर ललिता ने धर्म बहन बना लिया। देवीलाल और कैलाशी की चार बेटियां और दो बेटे हैं, जिसमें चारों बेटियों की शादी हो चुकी है।
राजस्थान न्यूज़ डेस्क !!