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सवाई माधोपुर में बहन की बहादुरी: लेपर्ड के मुंह से भाई को बचाया, फुटेज में देंखे 15 वर्षीय किशोर गंभीर रूप से घायल

 

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली लेकिन साहसिक घटना सामने आई है, जहां एक बहन ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने भाई को तेंदुए (लेपर्ड) के चंगुल से बचा लिया। यह घटना टोडरा गांव की बताई जा रही है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। घटना के अनुसार, देर रात बिजली जाने के बाद परिवार के सदस्य घर की छत पर सो रहे थे। इसी दौरान 15 वर्षीय किशोर पर अचानक एक लेपर्ड ने हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेंदुआ बच्चे को सिर से दबोचकर उसे जंगल की ओर खींचने लगा।

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परिवार की एक सदस्य ने बताया कि बच्चा मदद के लिए चिल्लाया, जिससे उसकी नींद खुल गई। वह तुरंत मौके की ओर दौड़ी और देखा कि लेपर्ड उसके भाई को दीवार के पास खींचकर ले जा रहा था। स्थिति बेहद खतरनाक थी, क्योंकि लेपर्ड करीब तीन फीट ऊंची दीवार पर चढ़ चुका था और बच्चे को अपने जबड़े में पकड़े हुए था।परिवार की बहादुर बहन ने बिना किसी डर के तेंदुए की ओर झपट्टा मारा और उसके पैर पकड़ लिए। उसकी इस साहसी कार्रवाई के कारण लेपर्ड को मजबूरन बच्चे को छोड़ना पड़ा और वह जंगल की ओर भाग गया।

इस संघर्ष के दौरान बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर पर दो जगह गहरे घाव आए हैं, जिसके बाद परिजनों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उसका इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में जंगली जानवरों की आवाजाही की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन इस तरह का सीधा हमला और उसमें परिवार के सदस्य की बहादुरी की यह घटना बेहद असाधारण है।

वन विभाग को घटना की सूचना दे दी गई है और इलाके में लेपर्ड की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी बढ़ाने की मांग की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से रात के समय विशेष सतर्कता बरतने और खुले में सोने से बचने की अपील की है।यह घटना जहां एक ओर वन्यजीव हमले की गंभीरता को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर एक बहन के अदम्य साहस की मिसाल भी पेश करती है, जिसने समय रहते अपने भाई की जान बचा ली।