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लाडनूं में मां के निधन के सदमे में बहन-भाई ने की आत्महत्या, पूरे इलाके में शोक की लहर

 

राजस्थान के लाडनूं में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि परिवार की मां के निधन का सदमा सहन न कर पाने पर बहन और भाई ने अलग-अलग स्थानों पर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर फैला दी है और स्थानीय प्रशासन भी मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक बहन और भाई ने अपने परिवार के सबसे बड़े संकट का सामना नहीं कर पाया और उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। घटनास्थलों पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्राथमिक जांच में पता चला है कि दोनों ने आत्महत्या करने से पहले किसी को पूर्व सूचना नहीं दी थी।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों के कमरे और घर में मिले नोट्स और व्यक्तिगत वस्तुओं की जांच की जा रही है। साथ ही परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है ताकि आत्महत्या के कारणों और घटनाक्रम का स्पष्ट पता लगाया जा सके।

स्थानीय नागरिकों और पड़ोसियों ने कहा कि परिवार पहले से ही मानसिक और भावनात्मक रूप से परेशान था। मां के निधन ने इस सदमे को और गहरा कर दिया। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे इलाके के लिए एक दुखद हादसा है।

मनोवैज्ञानिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक स्थिरता की अहमियत को दर्शाती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे परिवार और दोस्तों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें और तनाव या शोक के समय मदद लेने से हिचकिचाएं नहीं।

स्थानीय प्रशासन ने भी घटना की गंभीरता को देखते हुए सिक्योरिटी और मानसिक स्वास्थ्य सहायता केंद्रों को सक्रिय कर दिया है। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के दुखद मामलों को रोकने के लिए समुदाय और परिवारों को मिलकर युवाओं और परिवारजनों की भावनात्मक स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।

परिजनों का कहना है कि मां के निधन के बाद घर का माहौल गहरा शोक और अकेलापन लिए हुए था। बच्चों की मानसिक तैयारी और भावनात्मक सहारा न मिल पाने के कारण उन्होंने यह कदम उठाया।

इस घटना ने पूरे लाडनूं क्षेत्र में गहरा सदमा पैदा कर दिया है। स्कूलों, मोहल्लों और स्थानीय समाज में लोग इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने परिवार और दोस्तों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें और किसी भी तरह के मानसिक संकट की स्थिति में तुरंत मदद लें।

विशेषज्ञों का कहना है कि आत्महत्या रोकने के लिए समय पर मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना और शोक के समय भावनात्मक समर्थन देना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज को संवेदनशील और जागरूक बनाकर ही इस तरह की त्रासदियों से बचा जा सकता है।

लाडनूं की यह दुखद घटना यह याद दिलाती है कि भावनात्मक संकट और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान न देना कितना गंभीर परिणाम दे सकता है। प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने और परिवारों को सहयोग देने के लिए सक्रिय रहना होगा।