देश में भीषण गर्मी का कहर जारी, स्काईमेट ने नए मौसम सिस्टम को लेकर जारी की चेतावनी
देश के अधिकतर हिस्सों में गर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है और तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच मौसम एजेंसी स्काईमेट ने अरब सागर के ऊपर एक नए मौसम सिस्टम के बनने की जानकारी दी है, जिसका असर देश के मानसूनी पैटर्न पर पड़ सकता है।स्काईमेट के अनुसार, यह नया सिस्टम मानसूनी हवाओं को कमजोर कर सकता है, जिससे दक्षिण भारत में खासकर केरल और आसपास के क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका जताई गई है। इससे मानसून की रफ्तार प्रभावित हो सकती है और शुरुआती बारिश में कमी देखने को मिल सकती है।
एजेंसी ने यह भी चेतावनी दी है कि देश के कई बड़े हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक सूखी और गर्म हवाएं चलती रहेंगी। इनमें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे 10 प्रमुख राज्य शामिल हैं।इन राज्यों में तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने की संभावना है और कई इलाकों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे भी ऊपर पहुंच सकता है। लगातार बढ़ती गर्मी से लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) कमजोर पड़ चुका है और देश में कोई सक्रिय मौसम प्रणाली भी मौजूद नहीं है। इसी कारण बारिश की संभावना लगभग नगण्य हो गई है, जिससे गर्म हवाओं का प्रभाव और बढ़ गया है।गर्मी और लू के इस बढ़ते असर को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि इस दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, धूप से बचाव करना और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना बेहद जरूरी है।
किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय बन सकती है, क्योंकि बारिश की कमी से फसल और खेती पर भी असर पड़ने की संभावना है।मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगर यह सिस्टम इसी तरह सक्रिय रहा, तो आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति धीमी रह सकती है और गर्मी का प्रकोप अभी और कुछ समय तक जारी रह सकता है। फिलहाल देश के अधिकांश हिस्से भीषण गर्मी और सूखी हवाओं की चपेट में हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है और लोगों को राहत की उम्मीद बारिश के अगले सक्रिय सिस्टम से ही जुड़ी हुई है।