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ANTF टीम पर गंभीर आरोप, छापेमारी के दौरान बेरहमी से पिटाई ने ली युवक की जान; इलाके में भड़का आक्रोश

 

राजस्थान में एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की टीम पर छापेमारी के दौरान एक युवक के साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट करने और उसकी मौत हो जाने के आरोप लगे हैं। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है और परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

जानकारी के अनुसार, मामला एक छापेमारी अभियान से जुड़ा हुआ है, जिसमें ANTF टीम द्वारा नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े शक के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था। इसी दौरान एक युवक की कथित तौर पर पिटाई किए जाने का आरोप सामने आया है। परिजनों का कहना है कि युवक को बिना किसी स्पष्ट कारण के पकड़ा गया और पूछताछ के दौरान उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई।

परिजनों के मुताबिक, जब युवक को छोड़ा गया तो वह गंभीर रूप से घायल अवस्था में था। बाद में उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

इलाके में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अत्यधिक बल प्रयोग पाया जाता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं ANTF टीम की ओर से अभी तक इस मामले पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि पुलिस विभाग के सूत्रों का कहना है कि छापेमारी कानून के तहत की गई थी और मामले की जांच के लिए आंतरिक स्तर पर भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है। लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया और युवक के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। कुछ संगठनों ने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग भी की है।

राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। मानवाधिकार संगठनों ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा है कि किसी भी जांच एजेंसी को कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई करनी चाहिए और किसी भी तरह की अत्यधिक बल प्रयोग की स्थिति में जवाबदेही तय होना जरूरी है।

फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली और मानवाधिकारों के संतुलन को लेकर बहस छेड़ दी है। इलाके में फिलहाल तनाव बना हुआ है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।