सावन शुरू, लेकिन गलता मार्ग बदहाल: 5 हजार से ज्यादा कांवड़ यात्राओं से पहले न सफाई, न रोशनी; श्रद्धालुओं की बढ़ी चिंता
भगवान शिव की आराधना का पवित्र सावन माह गुरुवार से शुरू हो गया है। सावन के पहले ही दिन हजारों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा की तैयारियों में जुट गए हैं, लेकिन जयपुर का प्रमुख धार्मिक मार्ग गलता मार्ग बदहाल स्थिति में नजर आ रहा है। हालात ऐसे हैं कि 5 हजार से अधिक कांवड़ यात्राओं के प्रस्तावित आयोजन से पहले न तो मार्ग की समुचित सफाई की गई है और न ही पर्याप्त बिजली व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि गलता मार्ग पर जगह-जगह कचरा फैला हुआ है, जबकि कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। रात के समय पूरा रास्ता अंधेरे में डूब जाता है, जिससे कांवड़ियों और अन्य श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सावन के दौरान गलता तीर्थ और आसपास के शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। हर साल हजारों कांवड़िए इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। ऐसे में साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभागों को मार्ग की सफाई और खराब स्ट्रीट लाइटों की शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। उनका कहना है कि सावन शुरू होने के बावजूद प्रशासनिक तैयारियां धरातल पर दिखाई नहीं दे रही हैं।
धार्मिक संगठनों ने भी मांग की है कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले गलता मार्ग की विशेष सफाई कराई जाए, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तुरंत चालू किया जाए और रास्ते में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
हर वर्ष सावन में जयपुर और आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा निकालते हैं। इस दौरान गलता मार्ग पर वाहनों और पैदल यात्रियों की भारी भीड़ रहती है। यदि समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं तो श्रद्धालुओं को परेशानी के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
अब सभी की निगाहें नगर निगम, जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA), विद्युत निगम और जिला प्रशासन पर टिकी हैं। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही सफाई, रोशनी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगा, ताकि सावन के पावन अवसर पर कांवड़ यात्रा सुगमता और सुरक्षा के साथ संपन्न हो सके।