वाराणसी से राजस्थान पहुंची संत रविदास कलश यात्रा, फुटेज में देंखे भरतपुर में डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने किया स्वागत; गांव-गांव पहुंचेगा सामाजिक समरसता का संदेश
संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की जन्मभूमि वाराणसी से निकली पवित्र कलश यात्रा गुरुवार को भरतपुर के रास्ते राजस्थान में प्रवेश कर गई। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा पवित्र कलश को लेकर भरतपुर पहुंचे, जहां ऊंचा नगला क्षेत्र में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।कलश यात्रा के राजस्थान पहुंचने पर श्रद्धालुओं और पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। स्वागत कार्यक्रम के दौरान संत रविदास के विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया गया।
गांव-गांव पहुंचेगा संत रविदास का संदेश
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि इस कलश यात्रा की शुरुआत संत रविदास महाराज की जन्मस्थली वाराणसी से हुई है। अब यह पवित्र कलश राजस्थान के विभिन्न जिलों और गांवों में जाएगा, ताकि संत रविदास के सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे के संदेश को हर घर तक पहुंचाया जा सके।उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने और आपसी सौहार्द को मजबूत करने का अभियान है।
'आज भी प्रासंगिक हैं संत रविदास के विचार'
दीया कुमारी ने कहा कि संत रविदास महाराज ने लगभग 650 वर्ष पहले जो विचार समाज को दिए थे, वे आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने हमेशा समानता, मानवता और सामाजिक एकता का संदेश दिया।उन्होंने लोगों से जात-पात, ऊंच-नीच और भेदभाव से ऊपर उठकर समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की अपील की। उनके अनुसार, जब समाज एकजुट होकर आगे बढ़ेगा, तभी देश का समग्र विकास संभव होगा।
जयपुर पहुंचेगा पवित्र कलश
भरतपुर से रवाना होने के बाद यह कलश यात्रा जयपुर पहुंचेगी। इसके बाद इसे पूरे राजस्थान में विभिन्न स्थानों पर ले जाया जाएगा। यात्रा के दौरान धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें संत रविदास के जीवन, उनके विचारों और समाज सुधार के योगदान पर प्रकाश डाला जाएगा।आयोजकों का कहना है कि यात्रा का उद्देश्य समाज में समानता, भाईचारे और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करना है, ताकि संत रविदास के संदेश को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल
भरतपुर में कलश यात्रा के स्वागत के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन और जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने संत रविदास महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।राजस्थान में प्रवेश के साथ ही कलश यात्रा ने सामाजिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर विशेष महत्व प्राप्त कर लिया है। आने वाले दिनों में यह यात्रा प्रदेश के विभिन्न जिलों और गांवों में पहुंचकर संत रविदास के समानता, सद्भाव और मानवता के संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगी।