जर्जर विद्यालय भवन से मिलेगी राहत, साहिबाबाद के राजकीय प्राथमिक स्कूल के नए भवन निर्माण को मिली हरी झंडी
कई माह से उलझा राजकीय विद्यालय के जर्जर भवन का मामला अब सुलझता नजर आ रहा है। क्षेत्र के साहिबाबाद (बिहाड़ी) स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के पुराने और खस्ताहाल भवन को ध्वस्त करने के लिए विभागीय स्वीकृति मिल गई है। इसके साथ ही टेंडर प्रक्रिया के तहत जल्द ही नए भवन के निर्माण का रास्ता भी साफ हो गया है। इस निर्णय से विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है।
गौरतलब है कि विद्यालय भवन लंबे समय से जर्जर अवस्था में था। दीवारों में दरारें, छत से झड़ता प्लास्टर और बरसात के दौरान पानी टपकने जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही थीं। ऐसे हालात में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बनी रहती थी। कई बार शिक्षक और ग्रामीण इस संबंध में विभाग को अवगत करा चुके थे।
विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को असुविधाजनक माहौल में पढ़ाई करनी पड़ रही थी। कक्षाओं की कमी और भवन की खराब स्थिति के कारण शिक्षण कार्य भी प्रभावित हो रहा था। बरसात और तेज हवाओं के दौरान हादसे की आशंका बनी रहती थी, जिससे अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में हिचकिचाते थे।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के प्रयासों के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। हाल ही में निरीक्षण के बाद जर्जर भवन को अनुपयोगी घोषित करते हुए उसे ध्वस्त करने की स्वीकृति दे दी गई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और शीघ्र ही नए भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ होने की संभावना है।
नए भवन में आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्याप्त कक्षाएं, शौचालय, पेयजल व्यवस्था और खेल मैदान जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा। शिक्षकों का भी मानना है कि बेहतर संसाधनों से पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने विभाग के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से वे इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे थे। अब नए भवन की स्वीकृति मिलने से बच्चों का भविष्य सुरक्षित नजर आ रहा है।
स्पष्ट है कि शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का मजबूत होना बेहद जरूरी है। साहिबाबाद विद्यालय के नए भवन का निर्माण न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि शिक्षा के स्तर को भी नई ऊंचाई देगा। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही उनका स्कूल आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित रूप में नजर आएगा।