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बांसवाड़ा में बारूद गोदाम हटाने की मांग पर बवाल: ग्रामीणों ने बारूद से भरी पिकअप रोकी, पुलिस और पूर्व सरपंच के बीच तीखी बहस

 

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में घनी आबादी के बीच संचालित बारूद गोदाम को हटाने की मांग को लेकर शनिवार को ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। आंबापुरा थाना क्षेत्र के नवाखेड़ा गांव में ग्रामीणों ने निवर्तमान सरपंच प्रदीप निनामा के नेतृत्व में बारूद से भरी एक पिकअप को रोक दिया और सड़क पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस भी हुई, जिसका वीडियो रविवार को सामने आया है। घटना के बाद पुलिस ने गोदाम संचालक की शिकायत पर पूर्व सरपंच समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

बारूद से भरी पिकअप रोककर किया प्रदर्शन

जानकारी के अनुसार, नवाखेड़ा गांव में वर्ष 2016 से बारूद का गोदाम संचालित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में गोदाम के आसपास आबादी तेजी से बढ़ी है, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।इसी मांग को लेकर शनिवार सुबह करीब 9 बजे ग्रामीणों ने बारूद से भरी पिकअप को गांव में रोक लिया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी बाइक सड़क पर खड़ी कर धरना शुरू कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए रास्ता भी प्रभावित रहा।

पुलिस और पूर्व सरपंच के बीच हुई बहस

करीब तीन घंटे बाद आंबापुरा थानाधिकारी निर्भय सिंह पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को सड़क खाली करने के लिए कहा।वायरल वीडियो में थाना प्रभारी पूर्व सरपंच प्रदीप निनामा से कहते सुनाई देते हैं कि सड़क जाम नहीं किया जा सकता और ऐसा करने पर मामला दर्ज होगा, जिससे आम लोगों को परेशानी होगी।इस पर प्रदीप निनामा ने कहा कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि घनी आबादी के बीच बारूद गोदाम संचालित होना बेहद खतरनाक है और इसे किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।

गोदाम संचालक की शिकायत पर केस दर्ज

घटना के बाद गोदाम संचालक नानूराम गुर्जर की रिपोर्ट पर पुलिस ने प्रदीप निनामा सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और वीडियो फुटेज के आधार पर प्रदर्शन के दौरान हुई गतिविधियों का भी परीक्षण किया जा रहा है।

ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता

ग्रामीणों का कहना है कि बारूद गोदाम के आसपास अब बड़ी संख्या में मकान बन चुके हैं। ऐसे में यदि किसी कारणवश विस्फोट या दुर्घटना होती है तो बड़ी जनहानि हो सकती है। इसी आशंका के चलते वे लंबे समय से गोदाम को आबादी से दूर स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं।फिलहाल मामले में पुलिस जांच जारी है, जबकि ग्रामीण अपनी सुरक्षा संबंधी मांग पर अड़े हुए हैं। अब इस मुद्दे पर प्रशासन आगे क्या निर्णय लेता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।