आरएसएस करेगा संगठनात्मक बदलाव, देश में 46 प्रांतों के बजाय 85 संभाग, राजस्थान में नई योजना
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। केंद्रीय नेतृत्व ने निर्णय लिया है कि अब देशभर में 46 प्रांतों के बजाय 85 संभाग बनाए जाएंगे। इस बदलाव का उद्देश्य संगठन को और अधिक प्रभावी, सघन और समन्वित बनाना बताया जा रहा है।
आरएसएस के सूत्रों के अनुसार, नए ढांचे के तहत प्रत्येक संभाग के प्रभारी को अपने क्षेत्र में गतिविधियों, प्रशिक्षण और सामाजिक कार्यक्रमों का संचालन करना होगा। इससे संगठन के कार्यकर्ता और स्वयंसेवक स्थानीय स्तर पर अधिक सशक्त और संगठित रूप से काम कर सकेंगे।
राजस्थान में भी इस बदलाव के तहत संभागों का पुनर्गठन किया जाएगा। मौजूदा प्रांतों की सीमाओं को छोटे-छोटे संभागों में बांटकर प्रत्येक संभाग के लिए प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे। इसका उद्देश्य कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय, प्रशिक्षण के अवसर बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर सामाजिक एवं सेवा गतिविधियों को विस्तार देना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संगठनात्मक विस्तार से आरएसएस की Grassroots यानी जमीनी गतिविधियों में मजबूती आएगी और स्थानीय सामाजिक मुद्दों पर भी संगठन तेजी से काम कर सकेगा।
कुल मिलाकर, देशभर में 46 प्रांतों से 85 संभाग बनाने की योजना आरएसएस के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और राजस्थान समेत सभी राज्यों में अपने कार्यकर्ताओं को बेहतर समन्वय और नेतृत्व देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।