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RPSC का बड़ा कदम: भर्ती परीक्षाओं में कम नंबर आने पर बनी स्पेशल कमेटी, प्रश्नपत्रों की होगी वैज्ञानिक समीक्षा

 

राजस्थान लोक सेवा आयोग यानी RPSC ने भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के न्यूनतम अंक तक नहीं पहुंच पाने को गंभीरता से लिया है। परीक्षाओं के परिणाम और प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आयोग के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह ने एक विशेष आंतरिक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में इस्तेमाल किए गए प्रश्नपत्रों की विस्तृत समीक्षा करेगी।

आयोग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कमेटी का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों का कठिनाई स्तर निर्धारित मानकों के अनुरूप था या नहीं। कमेटी प्रश्नपत्रों में पूछे गए सवालों का विश्लेषण करेगी और उनके कठिनाई स्तर के आधार पर उन्हें तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटा जाएगा।

सरल, मध्यम और कठिन श्रेणी में होंगे सवाल

कमेटी सभी प्रश्नपत्रों के प्रश्नों को सरल, मध्यम और कठिन तीन श्रेणियों में विभाजित करेगी। इससे प्रत्येक परीक्षा के प्रश्नपत्र के कठिनाई स्तर का अधिक सटीक और वैज्ञानिक तरीके से मूल्यांकन किया जा सकेगा।

प्रश्नों के विश्लेषण के दौरान यह देखा जाएगा कि परीक्षा में कितने सवाल आसान थे, कितने मध्यम स्तर के थे और कितने प्रश्न कठिन श्रेणी में आते थे। इससे आयोग को परीक्षा के समग्र कठिनाई स्तर का आकलन करने में मदद मिलेगी।

दो चरणों में पूरी होगी जांच

विशेष आंतरिक कमेटी अपनी रिपोर्ट दो चरणों में आयोग को सौंपेगी। कमेटी की पहली अंतरिम रिपोर्ट 27 अगस्त को आयोग अध्यक्ष को दी जाएगी। इसके बाद विस्तृत अध्ययन पूरा करने के बाद 31 अगस्त को अंतिम रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग प्रश्नपत्रों के विश्लेषण से प्राप्त आंकड़ों का अध्ययन करेगा। इसके आधार पर भर्ती परीक्षाओं के मौजूदा पैटर्न में बदलाव की संभावना भी बन सकती है।

तकनीकी पहलुओं की भी होगी समीक्षा

कमेटी का काम केवल प्रश्नों की कठिनाई जांचने तक सीमित नहीं रहेगा। भर्ती परीक्षाओं के आयोजन से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं और नियमों की भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी। आयोग परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित आंकड़ों और नियमों को भी सामने रख सकता है।

इस समीक्षा के जरिए आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठने वाले विभिन्न सवालों का जवाब देने की भी कोशिश की जाएगी। खास तौर पर परीक्षा के कठिनाई स्तर, प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया और अभ्यर्थियों के प्रदर्शन से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण महत्वपूर्ण होगा।

पैटर्न में बदलाव संभव

कमेटी की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर RPSC भविष्य में भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र तैयार करने के तरीके और परीक्षा पैटर्न में बदलाव पर विचार कर सकता है। हालांकि, बदलाव को लेकर अंतिम फैसला कमेटी की रिपोर्ट और आयोग के स्तर पर होने वाले विस्तृत विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।

RPSC की यह पहल ऐसे समय में हुई है जब कई भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के प्रदर्शन और न्यूनतम अंक हासिल करने की स्थिति को लेकर चर्चा होती रही है। अब कमेटी की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों का कठिनाई स्तर किस तरह रहा और क्या उसमें संतुलन की जरूरत है।

31 अगस्त को अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग के सामने प्रश्नपत्रों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े होंगे। इसके बाद आने वाली भर्ती परीक्षाओं के पैटर्न में संभावित बदलाव को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।