RPSC हिंदी शिक्षक भर्ती फर्जी डिग्री कांड: फुटेज में जाने SOG ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक समेत दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की हिंदी शिक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जी डिग्री के जरिए चयन कराने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को बड़ी सफलता मिली है। एसओजी ने इस मामले में मेवाड़ यूनिवर्सिटी के पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों ने मिलकर फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज तैयार किए, जिससे एक अभ्यर्थी को भर्ती प्रक्रिया में अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
दबिश देकर दोनों आरोपियों को पकड़ा
एसओजी की टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को दबिश देकर गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया (32), निवासी चोटियों की ढाणी, झंवर (जोधपुर) और सुशील शर्मा (43), निवासी आदर्श नगर, अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।जांच एजेंसी के अनुसार, सुशील शर्मा मेवाड़ यूनिवर्सिटी में पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक रह चुका है। उस पर फर्जी डिग्री और शैक्षणिक दस्तावेज तैयार कराने में अहम भूमिका निभाने का आरोप है।
फर्जी दस्तावेजों से भर्ती में दिलाया लाभ
एसओजी की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक अभ्यर्थी के लिए फर्जी शैक्षणिक प्रमाण-पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार किए, जिनका इस्तेमाल RPSC हिंदी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में किया गया। इन दस्तावेजों के आधार पर अभ्यर्थी को चयन प्रक्रिया में अनुचित लाभ मिलने की आशंका जताई गई है।जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कितने अभ्यर्थियों को फर्जी डिग्रियों के माध्यम से फायदा पहुंचाया गया।
पांच दिन के रिमांड पर पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से एसओजी को पांच दिन का रिमांड मिला है। इस दौरान अधिकारियों द्वारा दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है।एसओजी को उम्मीद है कि पूछताछ में फर्जी डिग्री तैयार करने वाले नेटवर्क, अन्य सहयोगियों और संभावित लाभार्थियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
भर्ती घोटाले की परतें खोलने में जुटी SOG
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में फर्जी दस्तावेज और पेपर लीक से जुड़े मामलों पर एसओजी लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। हाल के वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं में सामने आए घोटालों के बाद एजेंसी ऐसे मामलों की गहन जांच कर रही है।RPSC हिंदी शिक्षक भर्ती फर्जी डिग्री प्रकरण में हुई इन गिरफ्तारियों को जांच में अहम सफलता माना जा रहा है। आने वाले दिनों में पूछताछ के आधार पर इस मामले में और गिरफ्तारियां या नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।