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रीको और पीडब्ल्यूडी मिलकर बनाएंगे सड़कें, राजस्थान के उद्योगों को मिलेगा सीधा फायदा

 

राजस्थान में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए एक अहम पहल के तहत अब औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कों के निर्माण और सुधार का काम संयुक्त रूप से किया जाएगा। इसके लिए राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) मिलकर काम करेंगे। इस फैसले से राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ-साथ उद्योगों की आवाजाही और परिवहन व्यवस्था भी बेहतर होने की उम्मीद है।

RIICO और Public Works Department Rajasthan के बीच हुए इस समन्वय से औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क निर्माण, मरम्मत और चौड़ीकरण के कार्यों को तेजी से पूरा किया जाएगा। लंबे समय से कई औद्योगिक क्षेत्रों में खराब सड़कों और जर्जर मार्गों को लेकर उद्योगपतियों द्वारा शिकायतें की जा रही थीं, जिनका सीधा असर माल परिवहन और उत्पादन लागत पर पड़ रहा था।

नई व्यवस्था के तहत RIICO अपने औद्योगिक क्षेत्रों के भीतर सड़क निर्माण की योजना बनाएगा, जबकि PWD तकनीकी सहायता, निर्माण कार्य और गुणवत्ता नियंत्रण की जिम्मेदारी संभालेगा। इससे न केवल काम की गति बढ़ेगी, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना और लॉजिस्टिक लागत को कम करना है। बेहतर सड़क नेटवर्क से ट्रांसपोर्टेशन आसान होगा, जिससे उद्योगों को समय और खर्च दोनों में राहत मिलेगी।

राजस्थान में कई प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र जैसे भिवाड़ी, नीमराना, जोधपुर, जयपुर और उदयपुर में सड़क सुधार की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। खराब सड़कों के कारण न केवल उद्योगों को नुकसान हो रहा था, बल्कि कर्मचारियों और ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर भी असर पड़ रहा था।

उद्योग जगत ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि यह कदम राज्य में निवेश का माहौल बेहतर करेगा और नए उद्योगों को आकर्षित करेगा। साथ ही, मौजूदा उद्योगों के विस्तार में भी यह मददगार साबित होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो इसे अन्य विकास कार्यों में भी अपनाया जा सकता है, जहां विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जरूरत होती है।

कुल मिलाकर, RIICO और PWD की यह संयुक्त पहल राजस्थान के औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे राज्य में आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलने की संभावना है।