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राजस्थान में LPG आपूर्ति और PNG विस्तार को लेकर समीक्षा बैठक, सप्लाई व्यवस्था सुचारु होने का दावा

 

राजस्थान में घरेलू एवं व्यावसायिक एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों के विस्तार को लेकर मंगलवार (7 अप्रैल) को मंत्रालय भवन में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने की।

बैठक में राज्यभर में एलपीजी वितरण प्रणाली, आपूर्ति की वर्तमान स्थिति तथा PNG नेटवर्क के विस्तार पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ ऑयल एवं गैस मार्केटिंग कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि राजस्थान में वर्तमान समय में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह सुचारु बनी हुई है और उपभोक्ताओं तक गैस की उपलब्धता में किसी प्रकार की गंभीर बाधा नहीं है। साथ ही, गैर-घरेलू यानी व्यावसायिक क्षेत्रों में भी मांग के अनुरूप आपूर्ति को लगातार बढ़ाया जा रहा है।

तेल एवं गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रदेश में गैस सिलेंडर की औसत डिलीवरी अवधि लगभग 4.5 दिन के भीतर सुनिश्चित की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए तकनीकी सुधारों पर भी काम किया जा रहा है।

बैठक में PNG कनेक्शनों के विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में पाइप्ड गैस नेटवर्क को तेजी से बढ़ाया जा रहा है ताकि उपभोक्ताओं को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराई जा सके। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को PNG नेटवर्क से जोड़ा जाए।

मंत्री सुमित गोदारा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस आपूर्ति व्यवस्था में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए और उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता को निर्बाध और सुरक्षित ऊर्जा आपूर्ति उपलब्ध कराना है।

उन्होंने यह भी कहा कि PNG नेटवर्क के विस्तार से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शहरी जीवन में ऊर्जा आपूर्ति अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगी।

बैठक के अंत में सभी संबंधित विभागों और कंपनियों को समन्वय के साथ कार्य करने और आपूर्ति प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।