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REET Exam 2026: मेटल डिटेक्टर और बायोमेट्रिक जांच के बीच अभ्यर्थियों को मिली परीक्षा केंद्रों में एंट्री, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

 

प्रदेश में चल रही बड़ी भर्ती परीक्षाओं के दौरान इस बार सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर कड़ी देखने को मिल रही है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को मेटल डिटेक्टर से चेकिंग और बायोमेट्रिक क्लियरेंस के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। नकल और किसी भी तरह की अनियमितता को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं, जिनका असर परीक्षा केंद्रों के बाहर साफ नजर आया।

परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों को केंद्र के मुख्य द्वार पर ही कई चरणों की जांच से गुजरना पड़ा। सबसे पहले मेटल डिटेक्टर के जरिए शरीर की तलाशी ली गई, इसके बाद बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से उंगलियों के निशान और पहचान का मिलान किया गया। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया।

सुरक्षा जांच के दौरान कपड़ों पर लगे मोटे बटन भी जांच के दायरे में आए। कई केंद्रों पर सुरक्षाकर्मियों ने कैंची से अभ्यर्थियों के कपड़ों पर लगे बड़े और मोटे बटन काट दिए, ताकि उनमें किसी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण छिपा न हो। इस प्रक्रिया के चलते कुछ अभ्यर्थियों को असुविधा जरूर हुई, लेकिन अधिकतर ने इसे परीक्षा की पारदर्शिता के लिए जरूरी कदम बताया।

परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान पूरी तरह प्रतिबंधित रहे। कई अभ्यर्थियों को प्रवेश द्वार से वापस लौटना पड़ा, क्योंकि वे गलती से प्रतिबंधित वस्तुएं साथ ले आए थे। प्रशासन ने पहले ही एडमिट कार्ड पर स्पष्ट निर्देश जारी किए थे, इसके बावजूद कुछ मामलों में लापरवाही सामने आई।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, हाल के वर्षों में सामने आए पेपर लीक और नकल के मामलों को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ फ्लाइंग स्क्वॉड और वीडियोग्राफी की भी व्यवस्था की गई है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि सख्त जांच के कारण प्रवेश प्रक्रिया में थोड़ा समय जरूर लगा, लेकिन इससे उन्हें भरोसा मिला कि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जा रही है। कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि बायोमेट्रिक जांच के चलते फर्जी उम्मीदवारों पर रोक लगेगी।

शिक्षा और भर्ती से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी सख्त व्यवस्थाएं जरूरी हैं, ताकि मेहनती अभ्यर्थियों के साथ कोई अन्याय न हो। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की जांच व्यवस्था को नियमित रूप से अपनाया जाए, तो परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकती है।

परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। पुलिस और स्वयंसेवकों ने अभ्यर्थियों को लाइन में खड़े रहने और समय पर प्रवेश कराने में सहयोग किया। महिला अभ्यर्थियों के लिए अलग जांच व्यवस्था भी की गई थी।