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उदयपुर घूमने जाने से पहले पढ़ लें यह खबर, अब करना होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

 

राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल Udaipur एक बार फिर चर्चा में है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के कारण यह शहर देश ही नहीं बल्कि विदेशों से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां की झीलें, भव्य किले और पुराने तालाब पर्यटकों को लंबे समय तक बांधे रखते हैं। हर साल लाखों की संख्या में सैलानी इस शहर में पहुंचते हैं और कई दिनों तक रुककर पर्यटन का आनंद लेते हैं।

इसी बीच उदयपुर में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर प्रशासन की ओर से एक बड़ा निर्णय लिया गया है। अब उदयपुर में होटल्स में ठहरने वाले सभी गेस्ट के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। इस नए नियम का उद्देश्य पर्यटकों की सही जानकारी को डिजिटल माध्यम से सुरक्षित रखना और शहर में आने-जाने वाले लोगों पर बेहतर निगरानी सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।

प्रशासन के अनुसार, यह कदम पर्यटन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में उठाया गया है। अब होटल, गेस्ट हाउस और अन्य आवासीय इकाइयों में ठहरने वाले हर व्यक्ति का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। इसमें नाम, पहचान पत्र, स्थायी पता और यात्रा संबंधी जानकारी शामिल होगी। इस व्यवस्था से न केवल पर्यटकों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करना भी आसान होगा।

उदयपुर लंबे समय से भारत के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में से एक रहा है। यहां स्थित पिछोला झील, फतेह सागर झील, सिटी पैलेस और अन्य ऐतिहासिक स्थल देश-विदेश के सैलानियों को आकर्षित करते हैं। पर्यटन उद्योग शहर की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में प्रशासन का मानना है कि डिजिटल रजिस्ट्रेशन प्रणाली से पर्यटन व्यवस्था अधिक संगठित और आधुनिक बनेगी।

होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि यह कदम शुरुआत में थोड़ा अतिरिक्त कार्यभार बढ़ा सकता है, लेकिन लंबे समय में इससे व्यवस्था में सुधार होगा और सुरक्षा के स्तर में भी बढ़ोतरी होगी। वहीं कुछ पर्यटकों का मानना है कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और फर्जी पहचान या गलत जानकारी जैसी समस्याओं पर रोक लगेगी।

हालांकि, इस नई व्यवस्था को लेकर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। छोटे होटल और गेस्ट हाउस संचालकों को तकनीकी व्यवस्था को अपनाने में शुरुआती कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके लिए प्रशासन की ओर से प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है।

कुल मिलाकर, उदयपुर में लागू किया गया यह नया नियम पर्यटन सुरक्षा और डिजिटल प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह व्यवस्था शहर के पर्यटन उद्योग और पर्यटकों के अनुभव को किस तरह प्रभावित करती है।