RBI ने फाइनेंसियल सुरक्षा और MSME के लिए बड़ा फैसला लिया!
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपनी नई मौद्रिक नीति (Monetary Policy) में आम ग्राहकों और छोटे कारोबारियों के लिए दो बड़े राहत-भरे निर्णय की घोषणा की है👇
🔒 1. डिजिटल फ्रॉड पर मिलेगा ₹25,000 तक का मुआवजा
अब डिजिटल बैंकिंग या ऑनलाइन भुगतान में अगर आप छोटे-मोटे फ्रॉड (जैसे UPI / इंटरनेट बैंकिंग धोखाधड़ी) का शिकार होते हैं, तो RBI एक फ्रेमवर्क तैयार कर रहा है जिसके तहत ग्राहक को ₹25,000 तक का मुआवजा मिल सकेगा।
✔️ यह मुआवजा एक-बार की राहत के रूप में मिलेगा।
✔️ नुकसान वाली राशि का 70-85% या ₹25,000 में से जो भी कम होगा, वही मुआवजा मिलेगा।
✔️ इसमें ग्राहकों से ब्योरे या गलती के सवाल नहीं किए जाएंगे।
✔️ बुजुर्गों जैसे संवेदनशील ग्राहकों को अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी मिलेंगे।
👉 यह कदम डिजिटल भुगतान को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
💼 2. MSME को बिना गारंटी लोन की सीमा दोगुनी
RBI ने माइक्रो, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। अब **बिना गारंटी (Collateral-free) लोन की सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख कर दी गई है।
✔️ इसका उद्देश्य छोटे व्यवसायियों को आसान और तेज़ क्रेडिट मुहैया कराना है।
✔️ इससे वे बिना ज़मीन, जेवर या अन्य संपत्ति गिरवी रखे काम बढ़ाने के लिए लोन ले सकेंगे।
✔️ नई नीति 1 अप्रैल 2026 से लागू होने की संभावना है।
✨ कुल मिलाकर, RBI ने इस मौद्रिक नीति में:
✅ डिजिटल फ्रॉड पीड़ितों को सुरक्षा और मुआवजा दिया है
✅ छोटे कारोबारियों के लोन तक आसान पहुंच सुनिश्चित की है
…जिससे आर्थिक सुरक्षा और वित्तीय समावेशन दोनों को बढ़ावा मिलेगा।