ब्लूटूथ चीटिंग रैकेट का आरोपी राकेश रेवाड़ गिरफ्तार, दो भर्ती परीक्षाओं में धांधली के आरोप
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में नकल और धांधली के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के तहत पुलिस ने ब्लूटूथ चीटिंग रैकेट के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राकेश रेवाड़ के रूप में हुई है, जिस पर दो भर्ती परीक्षाओं में तकनीकी माध्यमों से नकल कराने और धांधली में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं।
पुलिस के अनुसार, यह रैकेट परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए बाहर बैठे गिरोह से जोड़कर उत्तर उपलब्ध कराने की योजना पर काम करता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क संगठित तरीके से परीक्षाओं की गोपनीयता भंग करने और चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने में सक्रिय था।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी राकेश रेवाड़ की भूमिका दो अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में संदिग्ध पाई गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि वह उन लोगों में शामिल था जो अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराते थे और बाहर से जवाब भेजने की व्यवस्था करते थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस तथा बैंक लेन-देन की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा इस रैकेट से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान करने के लिए तकनीकी टीम को भी लगाया गया है।
इस मामले को स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई का हिस्सा बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह ने अब तक किन-किन परीक्षाओं को प्रभावित किया है और कितने अभ्यर्थी इसमें शामिल रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की नकल या धांधली में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस तरह के रैकेट्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाया जा सके।
फिलहाल आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया जाएगा। साथ ही पूरे नेटवर्क की जांच तेजी से जारी है, जिससे आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है।