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राजनाथ सिंह बोले- आधुनिक युद्ध में ड्रोन-मिसाइल की बढ़ी भूमिका, वीडियो में जाने भारतीय सेनाओं का आधुनिकीकरण समय की जरूरत

 

जैसलमेर में रक्षा मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेनाओं के आधुनिकीकरण और भविष्य की सैन्य चुनौतियों को लेकर महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन, मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम जैसी तकनीकों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारतीय सेनाओं का आधुनिकीकरण समय की जरूरत बन गया है।रक्षा मंत्री मंगलवार को जैसलमेर में आयोजित रक्षा मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया में हाल के युद्धों ने सैन्य रणनीतियों और युद्ध लड़ने के तरीकों को बदल दिया है। रूस-यूक्रेन युद्ध और इजरायल-ईरान संघर्ष से यह स्पष्ट हुआ है कि आधुनिक युद्ध में तकनीक और उन्नत हथियार प्रणालियों का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना जरूरी

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेनाओं को केवल वर्तमान की जरूरतों के हिसाब से तैयार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य में सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए भी उन्हें सक्षम बनाना जरूरी है।उन्होंने बताया कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन और मिसाइल के साथ एयर डिफेंस सिस्टम की अहम भूमिका है। युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए सेनाओं को नई तकनीकों और आधुनिक सैन्य उपकरणों से लैस करना होगा। इसके लिए सैन्य क्षमताओं को लगातार मजबूत करने की आवश्यकता है।

2026-27 में 7.85 लाख करोड़ रुपए हुआ रक्षा बजट

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बैठक के दौरान रक्षा मंत्री ने देश के रक्षा बजट का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत का रक्षा बजट बढ़ाकर 7 लाख 85 हजार करोड़ रुपए कर दिया गया है।रक्षा क्षेत्र में बढ़े बजट को सेनाओं के आधुनिकीकरण और सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। बैठक में आधुनिक युद्ध की बदलती परिस्थितियों और भारतीय सेनाओं को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने की जरूरत पर चर्चा हुई।राजनाथ सिंह ने जोर दिया कि बदलती वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों में भारतीय सेनाओं को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना जरूरी है, ताकि वे वर्तमान और भविष्य की सैन्य चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।