दिवाली से पहले राजस्थान की हवा हुई जहरीली, भिवाड़ी में AQI 300 के पार; लोगों की बढ़ी चिंता
राजस्थान में दिवाली से पहले ही वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। शनिवार, 7 नवंबर की सुबह भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा) में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार पहुंच गया। यह स्तर बहुत खराब श्रेणी में आता है। त्योहार से पहले हवा की गुणवत्ता बिगड़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
भिवाड़ी में प्रदूषण का स्तर बढ़ना क्षेत्र की हवा की स्थिति को लेकर चिंता पैदा कर रहा है। AQI 300 से ऊपर होने का मतलब है कि हवा में प्रदूषकों की मात्रा काफी अधिक है। ऐसी स्थिति में खासकर सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
दिवाली से पहले बढ़ा प्रदूषण का खतरा
दिवाली के दौरान पटाखों और अन्य गतिविधियों के कारण वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में त्योहार से पहले ही भिवाड़ी में AQI का 300 पार पहुंचना चिंता का विषय है। हवा की गुणवत्ता खराब होने से आम लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि भिवाड़ी में प्रदूषण बढ़ने के पीछे कौन से प्रमुख कारक रहे हैं। इसके लिए मौसम, स्थानीय गतिविधियों और प्रदूषण के स्रोतों से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण जरूरी होगा।
AQI 300 के पार होने का क्या मतलब है?
वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार 301 से 400 के बीच AQI को बहुत खराब श्रेणी में रखा जाता है। इस स्तर पर लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से स्वस्थ लोगों को भी सांस संबंधी परेशानी हो सकती है। पहले से बीमार लोगों पर इसका असर अधिक पड़ सकता है।
भिवाड़ी में शनिवार सुबह AQI 300 से ऊपर दर्ज होने से संकेत मिलता है कि क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता स्वास्थ्य के लिहाज से चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई थी।
बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी की जरूरत
प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बहुत खराब हवा के दौरान खुले में लंबे समय तक रहने और अनावश्यक शारीरिक मेहनत से बचना उपयोगी हो सकता है।
दिवाली से पहले भिवाड़ी की हवा का इस स्तर तक खराब होना प्रशासन और आम लोगों दोनों के लिए चिंता का विषय है। आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर किस दिशा में जाता है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल शनिवार सुबह के आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान के इस औद्योगिक क्षेत्र में त्योहार से पहले ही वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी तक पहुंच चुकी थी।