राजस्थान पुलिस का बड़ा फैसला: 1 लाख या उससे अधिक की साइबर ठगी पर स्वतः होगी e-Zero FIR दर्ज
साइबर वित्तीय अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों को जल्द राहत देने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में 1 लाख रुपए या उससे अधिक की साइबर वित्तीय ठगी की शिकायत मिलने पर ई-जीरो एफआईआर (e-Zero FIR) स्वतः दर्ज की जाएगी। इस संबंध में पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा ने आदेश जारी कर दिए हैं।
राजस्थान पुलिस का यह कदम साइबर अपराधों पर तेजी से अंकुश लगाने और ठगी की रकम को समय रहते ट्रेस करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की गंभीर शिकायतों में एफआईआर दर्ज कराने के लिए पीड़ित को लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, e-Zero FIR ऐसी व्यवस्था है, जिसमें अधिकार क्षेत्र (ज्यूरिस्डिक्शन) की बाध्यता के बिना तुरंत एफआईआर दर्ज की जा सकती है। इसके बाद मामले को जांच के लिए संबंधित थाना या इकाई को स्थानांतरित किया जाएगा। इससे शुरुआती कार्रवाई में होने वाली देरी कम होगी और साइबर ठगों तक जल्दी पहुंचने में मदद मिलेगी।
साइबर अपराधों में अक्सर शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि समय पर कार्रवाई हो जाए तो ठगी की गई राशि को फ्रीज कराने और आरोपी तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्थान पुलिस ने यह नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।पुलिस मुख्यालय का मानना है कि बढ़ते डिजिटल लेनदेन के साथ साइबर वित्तीय ठगी के मामलों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में त्वरित एफआईआर और तत्काल जांच से अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।
राजस्थान पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उनके साथ साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो बिना देर किए इसकी सूचना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से दें। समय पर शिकायत दर्ज होने से ठगी गई रकम को सुरक्षित करने की संभावना अधिक रहती है।नई व्यवस्था लागू होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि साइबर अपराधों के मामलों में कार्रवाई की गति तेज होगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया पहले से अधिक प्रभावी बन सकेगी।