राजस्थान पंचायत चुनाव में देरी: सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार, याचिकाकर्ता को सक्षम मंच पर उपाय करने की सलाह
राजस्थान में पंचायत चुनावों में हो रही देरी को लेकर दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दखल देने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह सलाह दी कि वे अपने उपयुक्त उपाय सक्षम मंच के सामने अपनाएं, लेकिन सीधे चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंकुर रस्तोगी कोर्ट में उपस्थित रहे, जबकि राज्य सरकार का पक्ष अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने रखा।
याचिकाकर्ता बिहारी लाल रणवा ने राज्य सरकार और अन्य पक्षों के खिलाफ दायर याचिका में पंचायत चुनावों में हो रही देरी पर सुप्रीम कोर्ट से आदेश की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि स्थानीय प्रशासनिक प्रक्रियाओं में विलंब के कारण चुनाव समय पर नहीं हो पा रहे हैं, जिससे ग्रामीण लोकतंत्र प्रभावित हो रहा है।
हालांकि, कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में सीधे हस्तक्षेप करना न्यायालय का दायित्व नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को संसाधनों और सक्षम मंचों के जरिए उचित कदम उठाने की स्वतंत्रता दी जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से राज्य सरकार पर चुनाव कराने का दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने सीधे हस्तक्षेप नहीं किया है, लेकिन राज्य को अपने दायित्व का पालन करना होगा। वहीं, याचिकाकर्ता अब विधानिक या अन्य सक्षम संस्थाओं के माध्यम से कार्रवाई कर सकते हैं।
राजस्थान में पंचायत चुनाव की समय सीमा और देरी को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। कई क्षेत्रों में चुनाव न होने के कारण स्थानीय प्रतिनिधित्व और विकास कार्यों पर असर पड़ा है। प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में अब इस मामले को लेकर जागरूकता और दबाव बढ़ सकता है।
इस फैसले से यह संदेश भी गया कि सुप्रीम कोर्ट केवल कानूनी पक्षों और प्रक्रियाओं तक ही सीमित है और चुनाव में विलंब जैसी समस्याओं के लिए स्थानीय और संवैधानिक उपायों को प्राथमिकता दी जाएगी।
राजस्थान में पंचायत चुनावों की समयबद्धता अब राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग के जिम्मे है, और आगामी दिनों में जनता और राजनीतिक दलों की निगाहें इस प्रक्रिया पर बनी रहेंगी।