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राजस्थान में मूल निवास प्रमाण-पत्र को लेकर नई गाइडलाइन जारी, कई अधिकारियों को मिला अधिकार

 

राजस्थान सरकार के गृह विभाग ने मूल निवास प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। नई व्यवस्था के तहत प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए जिला कलक्टर, उपखंड अधिकारी (एसडीएम), सहायक कलक्टर और तहसीलदारों को अधिकृत किया गया है।

सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, अब मूल निवास प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जाएगा। अधिकारियों को स्पष्ट अधिकार दिए जाने से आम लोगों को प्रमाण-पत्र बनवाने में सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

नई गाइडलाइन के तहत आवेदन प्रक्रिया में दस्तावेजों की जांच और सत्यापन को भी अधिक सख्ती से लागू किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इससे फर्जी प्रमाण-पत्रों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और पात्र लोगों को समय पर सुविधा मिल सकेगी।

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया में जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से अलग-अलग स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इससे लंबित मामलों के निस्तारण में भी तेजी आने की संभावना है।

Home Department Rajasthan द्वारा जारी नई गाइडलाइन के बाद अब संबंधित अधिकारी नियमों के अनुसार आवेदन स्वीकार कर प्रमाण-पत्र जारी कर सकेंगे।

राज्य सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से नागरिकों को सरकारी योजनाओं, शिक्षा और अन्य प्रशासनिक कार्यों में आवश्यक मूल निवास प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में आसानी होगी।

फिलहाल नई गाइडलाइन लागू होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।