राजस्थान हाईकोर्ट ने पहाड़ी क्षेत्रों में भवन निर्माण नियमों पर मांगा जवाब, सरकार से पूछा- 2023 के विनियम लागू करने पर क्या कार्रवाई हुई
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में भवन निर्माण और विकास से जुड़े नियमों को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि केंद्र सरकार के मानकीकृत विकास एवं भवन विनियम, 2023 को राजस्थान के पहाड़ी क्षेत्रों में लागू करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
हाईकोर्ट ने पहाड़ी इलाकों में तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों और विकास गतिविधियों को लेकर चिंता जताई है। कोर्ट का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में भवन निर्माण के दौरान पर्यावरण, भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से जानकारी मांगी कि केंद्र द्वारा तैयार किए गए मानकीकृत विकास एवं भवन विनियम, 2023 को प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में लागू करने की दिशा में क्या प्रक्रिया अपनाई गई है। कोर्ट ने सरकार से इस संबंध में विस्तृत जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
राजस्थान के कई क्षेत्रों में पहाड़ी भू-भाग मौजूद है, जहां पर्यटन और अन्य विकास कार्यों के चलते निर्माण गतिविधियां बढ़ रही हैं। ऐसे में भवन निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों और पर्यावरण संरक्षण को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि पहाड़ी क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण से प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा भूस्खलन, जल निकासी और अन्य आपदाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए निर्माण कार्यों के लिए स्पष्ट नियमों और उनके प्रभावी पालन की आवश्यकता है।
केंद्र सरकार के मानकीकृत विकास एवं भवन विनियम, 2023 का उद्देश्य भवन निर्माण और विकास कार्यों के लिए एक समान दिशा-निर्देश उपलब्ध कराना है। इसमें निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा और नियोजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।
हाईकोर्ट के सवाल के बाद अब राज्य सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि राजस्थान के पहाड़ी क्षेत्रों में इन नियमों को लागू करने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं। साथ ही सरकार को यह भी बताना होगा कि पहाड़ी इलाकों में हो रहे निर्माण कार्यों की निगरानी किस तरह की जा रही है।
मामले में आगे की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब पेश किया जाएगा। हाईकोर्ट के इस रुख के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाले निर्माण और विकास कार्यों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।