राजस्थान सरकार ने विधानसभा में स्पष्ट किया: नगरीय निकाय चुनाव में शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य नहीं
राजस्थान सरकार ने विधानसभा में स्पष्ट किया है कि नगरीय निकाय चुनावों में उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता को अनिवार्य करने का कोई प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि फिलहाल नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनाव में किसी भी उम्मीदवार की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इसका मतलब है कि किसी भी योग्य नागरिक, चाहे उसकी शिक्षा स्तर कोई भी हो, नगरीय निकाय चुनाव में भाग ले सकता है।
विधानसभा में पूछे गए सवालों के जवाब में सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी नागरिकों को बराबरी का अधिकार सुनिश्चित करना प्राथमिकता है और इस दृष्टिकोण से शैक्षणिक योग्यता पर कोई अनिवार्यता लागू नहीं की गई है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय से शैक्षणिक योग्यता को लेकर बहस चल रही थी। समर्थक इसका तर्क देते रहे कि इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, जबकि विरोधी इसे समाज के कुछ वर्गों को बाहर करने वाला कदम मानते थे।
सरकार के स्पष्टिकरण के बाद अब आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर उम्मीदवार और मतदाता स्पष्ट स्थिति में हैं। इससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
स्पष्ट है कि राजस्थान सरकार ने यह संदेश दिया है कि नगरीय निकाय चुनाव में सभी योग्य नागरिकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित रहेगा और शिक्षा स्तर किसी प्रकार की बाधा नहीं बनेगा।