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राजस्थान सरकार ने IPS अफसरों के सेंट्रल डेपुटेशन पर लगाई रोक, वीडियो में जाने दिनेश एमएन और बीजू जॉर्ज जोसेफ समेत 5 अफसर नहीं जा सकेंगे केंद्र

 

राजस्थान सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति यानी सेंट्रल डेपुटेशन पर जाने को लेकर फिलहाल रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद दिनेश एमएन और जयपुर के पूर्व पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ समेत पांच आईपीएस अधिकारी फिलहाल केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर नहीं जा सकेंगे। राज्य सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए प्रदेश में वरिष्ठ और अनुभवी पुलिस अधिकारियों की जरूरत है।आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े कार्मिक विभाग के अनुसार, यदि केंद्र सरकार किसी अधिकारी को अपने यहां बुलाने के लिए विशेष आग्रह करती है, तो उसके आधार पर अनुमति देने पर विचार किया जाएगा। फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई विशेष आग्रह नहीं किया गया है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने का रास्ता फिलहाल साफ नहीं है।

राजस्थान कैडर के 26 IPS अधिकारी पहले से केंद्र में तैनात

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राजस्थान कैडर के 26 आईपीएस अधिकारी पहले ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। राज्य सरकार के सामने पुलिस विभाग में अधिकारियों की उपलब्धता बनाए रखने की चुनौती है। इसी वजह से सरकार फिलहाल और अधिकारियों को केंद्र में भेजने के पक्ष में नहीं दिखाई दे रही है।पुलिस विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, पुलिस प्रशासन की निगरानी और महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्थाओं में अहम होती है। ऐसे में बड़ी संख्या में अधिकारियों के राज्य से बाहर प्रतिनियुक्ति पर रहने से उपलब्ध अधिकारियों पर जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ सकता है। राज्य सरकार का तर्क है कि प्रदेश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों की तैनाती पर फैसला लेना जरूरी है।

दिनेश एमएन और बीजू जॉर्ज जोसेफ के नाम चर्चा में

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर फिलहाल रोक के कारण जिन पांच आईपीएस अधिकारियों के केंद्र में जाने की संभावना प्रभावित हुई है, उनमें वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दिनेश एमएन और जयपुर के पूर्व पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ के नाम भी शामिल हैं।राज्य सरकार की नीति के मुताबिक, सामान्य परिस्थितियों में अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से किसी विशेष अधिकारी को बुलाने का आग्रह आता है, तो उस मामले पर अलग से विचार किया जा सकता है। इसका मतलब है कि मौजूदा व्यवस्था में विशेष अनुरोध की स्थिति में अनुमति की संभावना बनी हुई है।

मुख्यमंत्री कार्यालय भी फिलहाल पक्ष में नहीं

ब्यूरोक्रेसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय भी फिलहाल राजस्थान कैडर के आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजने के पक्ष में नहीं है। हालांकि, इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से किसी आधिकारिक बयान की जानकारी सामने नहीं आई है।राजस्थान सरकार के इस रुख से राज्य और केंद्र के बीच अधिकारियों की तैनाती को लेकर प्रशासनिक जरूरतों का महत्व सामने आया है। एक ओर केंद्रीय एजेंसियों और विभागों को अनुभवी अधिकारियों की जरूरत होती है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार को अपनी कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारियां संभालने के लिए पर्याप्त वरिष्ठ अधिकारियों की आवश्यकता रहती है।

फिलहाल राजस्थान सरकार ने स्पष्ट किया है कि केंद्र की ओर से विशेष आग्रह मिलने पर ही प्रतिनियुक्ति के मामले में अनुमति देने पर विचार किया जाएगा। ऐसे में दिनेश एमएन, बीजू जॉर्ज जोसेफ समेत पांच आईपीएस अधिकारियों के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने को लेकर आगे का फैसला केंद्र और राज्य सरकार के बीच होने वाली प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।