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राजस्थान साइबर सेल का बड़ा खुलासा: ऑनलाइन गेम्स के जरिए बच्चे बन रहे आतंकी संगठनों का निशाना

 

राजस्थान की साइबर सेल ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट में सामने आया है कि आतंकी संगठन अब ऑनलाइन गेम्स और सोशल प्लेटफॉर्म्स के जरिए बच्चों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। साइबर सेल ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि बच्चों को रोब्लॉक्स, माइनक्राफ्ट और डिस्कॉर्ड जैसे प्लेटफॉर्म्स पर निशाना बनाया जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल शिकारी पहले बच्चों से दोस्ती करते हैं और धीरे-धीरे उन्हें गलत रास्ते पर ले जाने की कोशिश करते हैं। इन आतंकी नेटवर्क्स का मकसद बच्चों को चरमपंथी विचारों से जोड़ना और उन्हें हिंसक गतिविधियों के लिए प्रेरित करना है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के मामलों में बच्चों की सुरक्षा और ऑनलाइन जागरूकता बेहद जरूरी हो गई है।

साइबर सेल ने बताया कि बच्चों के साथ बातचीत करने वाले लोग अक्सर खुद को उम्र में समान या भरोसेमंद दोस्त के रूप में पेश करते हैं। इसके बाद वे बच्चों को चरमपंथी सामग्री, गुप्त संदेश और गलत सूचना के माध्यम से प्रभावित करने की कोशिश करते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस खतरे को गंभीरता से लेना चाहिए। “बच्चे इस उम्र में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर आसानी से प्रभावित हो जाते हैं। यदि माता-पिता और शिक्षक उनकी गतिविधियों पर ध्यान नहीं देंगे, तो आतंकी संगठन उनके मानसिक और सामाजिक विकास को नुकसान पहुंचा सकते हैं,” साइबर सुरक्षा विश्लेषक ने कहा।

साइबर सेल ने माता-पिता और अभिभावकों को सलाह दी है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नियमित नजर रखें। बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा, संदिग्ध मित्रों और अनजाने संदेशों के बारे में जागरूक करना आवश्यक है। साथ ही, बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि इंटरनेट पर सभी लोग भरोसेमंद नहीं होते।

सरकार और शिक्षा विभाग भी इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहे हैं। राजस्थान के स्कूलों और कॉलेजों में डिजिटल जागरूकता और साइबर सुरक्षा वर्कशॉप्स आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत बच्चों को बताया जाएगा कि कैसे ऑनलाइन खतरों को पहचानें और सुरक्षित रहें।

साइबर अपराध विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि यह केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है। पूरे देश में आतंकी संगठन बच्चों को ऑनलाइन प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए माता-पिता, शिक्षक और सरकारी संस्थान मिलकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

राजस्थान साइबर सेल का यह खुलासा एक चेतावनी की तरह है कि ऑनलाइन गेम्स सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि खतरे का जरिया भी बन सकते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि यदि इस पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो यह बच्चों के भविष्य और समाज के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

इस रिपोर्ट के बाद राज्य सरकार ने साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की योजना बनाई है। आगामी महीनों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी बढ़ाई जाएगी और बच्चों को सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण प्रदान करने के लिए अभियान चलाया जाएगा।