राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने भाजपा सरकार पर मतदाता सूची से नाम कटवाने का आरोप लगाया
राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दिल्ली में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा सरकार पर मतदाता सूची से नाम काटने को लेकर गंभीर आरोप लगाए। डोटासरा ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया सुनियोजित साजिश के तहत की गई, जिसका उद्देश्य राजस्थान में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करना है।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 13 तारीख को राजस्थान आए और मुख्यमंत्री निवास में ठहरे। उनके अनुसार, 3 से 13 तारीख के बीच भाजपा के भीतर गुप्त रूप से एक खेल चलता रहा, जिसका परिणाम बड़े पैमाने पर फर्जी मतदाता सूची संशोधन के रूप में सामने आया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यवाही से मतदाता और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास कमजोर हो रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि राजस्थान की राजनीतिक सत्ता का उद्देश्य केवल चुनावी लाभ हासिल करना है, और इस प्रक्रिया में मतदाता सूची में बदलाव का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसे गंभीरता से देखा जाना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या काटने की प्रक्रिया को कानूनन नियंत्रित किया गया है, और यदि इसमें कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो यह गंभीर कानूनी अपराध माना जाएगा।
राजस्थान और दिल्ली में राजनीतिक विश्लेषक इस आरोप को लेकर चर्चा कर रहे हैं। उनका कहना है कि डोटासरा के आरोपों ने मतदाता सूची संशोधन के मुद्दे को राजनीतिक बहस का केंद्र बना दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो इसके परिणाम चुनावी प्रक्रिया और जनता के बीच विश्वास पर पड़े सकते हैं।
बीते समय में राजस्थान में मतदाता सूची में संशोधन और SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर कई विवाद उठ चुके हैं। राजनीतिक दलों ने इसे अक्सर सियासी लड़ाई और चुनावी रणनीति का हिस्सा बनाया है। डोटासरा के ताजा आरोप इसे और बढ़ा रहे हैं।
डोटासरा ने अपने भाषण में जनता और मीडिया से अपील की कि इस मामले पर ध्यान दें और सुनिश्चित करें कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में किसी प्रकार का दखल या गड़बड़ी न हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मामले की गंभीरता से जांच करेगी और आवश्यक कानूनी कदम उठाएगी।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के आरोप चुनाव से पहले की राजनीतिक हलचल को भी दर्शाते हैं और पार्टीयों की रणनीतियों, मतदाता सूची में संशोधन और चुनावी तैयारियों को लेकर मतभेद स्पष्ट करते हैं।
इस प्रकार, डोटासरा के आरोप ने मतदाता सूची संशोधन और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर बहस को फिर से तेज कर दिया है। अब जनता और प्रशासन की निगाहें इस मामले पर टिकी हुई हैं कि आगे इस पर क्या कार्रवाई होती है और आरोपों की सत्यता कितनी है।