जातिगत जनगणना को लेकर गहलोत ने बोला भाजपा सरकार पर हमला, देखे विडियो
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही में जातिगत जनगणना और पहलगाम पर केंद्र सरकार के रुख का समर्थन किया। गहलोत ने कहा कि इन मुद्दों पर किसी भी तरह की बहस और बयानबाजी करने की बजाय सरकार को इस पर जल्द से जल्द स्पष्टता देनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से पहलगाम के मुद्दे पर बयानबाजी से बचने की सलाह दी और यह कहा कि इस समय प्रधानमंत्री और सरकार के निर्णय का इंतजार करना चाहिए।
गहलोत ने इस संदर्भ में कहा, “जातिगत जनगणना का मुद्दा अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह समाज के विभिन्न वर्गों के लिए लाभकारी हो सकता है। सरकार को इसे लेकर पूरी तस्वीर साफ करनी चाहिए और कोई भी निर्णय लेने से पहले समाज के सभी वर्गों से विचार-विमर्श करना चाहिए।” उन्होंने यह भी जोड़ते हुए कहा कि पहलगाम जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अब और बहस नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे केवल स्थिति और जटिल हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जातिगत जनगणना को लेकर उनके व्यक्तिगत विचार सकारात्मक हैं, लेकिन उन्होंने इसके प्रभावों पर भी चर्चा की और सरकार से इसे जल्दी लागू करने की अपील की। गहलोत का मानना है कि इस जनगणना से पिछड़े वर्गों को अधिक अवसर मिल सकते हैं और समाज में असमानताओं को कम किया जा सकता है।
उनकी यह टिप्पणी उस समय आई है जब केंद्र सरकार द्वारा जातिगत जनगणना को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। गहलोत ने सरकार से यह उम्मीद जताई है कि इस मुद्दे पर जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा ताकि समाज में समानता और न्याय स्थापित किया जा सके।
वहीं, पहलगाम पर गहलोत ने सरकार और पीएम से स्थिति स्पष्ट करने की अपील की और इस मुद्दे पर किसी भी तरह के विवाद से बचने की सलाह दी। उनके अनुसार, यह समय संवेदनशील मामलों पर एकजुटता दिखाने का है, न कि राजनीतिक विवादों में उलझने का।
इस बयान के बाद राजनीति में नई बहस का दौर शुरू हो सकता है, खासकर जब विपक्ष इसे अपनी रणनीति के हिसाब से पेश कर सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि केंद्र सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और गहलोत के बयान के बाद राजनीतिक माहौल किस दिशा में बढ़ता है।