राजस्थान निकाय चुनाव: फर्जी मतदान के आरोपों पर कई जगह हंगामा, फुटेज में देंखे चिड़ावा में मारपीट; जयपुर में 150 वोटों पर सवाल
राजस्थान निकाय चुनाव के दूसरे चरण में शुक्रवार को जयपुर समेत 147 निकायों के लिए मतदान हुआ। मतदान के दौरान कई जगहों पर फर्जी वोटिंग के आरोपों को लेकर विवाद और हंगामे की स्थिति बनी। कुछ मतदाताओं ने आरोप लगाया कि जब वे वोट डालने मतदान केंद्र पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनका वोट पहले ही डाला जा चुका है।मतदान के दौरान कुछ जगहों पर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के बीच विवाद भी सामने आया। झुंझुनूं के चिड़ावा और श्रीगंगानगर के सादुलशहर में मारपीट की घटनाओं से माहौल तनावपूर्ण हो गया।
चिड़ावा में प्रत्याशियों के समर्थक भिड़े
झुंझुनूं जिले के चिड़ावा के वार्ड 26 के पोलिंग बूथ पर दो प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच मारपीट हो गई। घटना में भाजपा प्रत्याशी असलम के बेटे शेखू के सिर में चोट आई।असलम ने आरोप लगाया कि निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थकों ने उनके बेटे शेखू और अन्य समर्थकों के साथ मारपीट की। विवाद के बाद मतदान केंद्र पर पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
सादुलशहर में निर्दलीय प्रत्याशी से मारपीट
श्रीगंगानगर जिले की सादुलशहर नगरपालिका के बूथ नंबर 5 पर पूर्व नगरपालिका चेयरमैन और निर्दलीय प्रत्याशी प्रदीप खीचड़ के साथ मारपीट का मामला सामने आया।प्रदीप खीचड़ ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक गुरवीर सिंह बराड़ के समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद मतदान केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। आरोपों को लेकर पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है।
जयपुर के वार्ड 62 में 150 वोटों पर विवाद
जयपुर के वार्ड 62 के बूथ नंबर 23 पर फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर लोगों ने हंगामा कर दिया। यहां कांग्रेस प्रत्याशी और तीन निर्दलीय प्रत्याशियों ने सेक्टर मजिस्ट्रेट को लिखित शिकायत देकर मतदान प्रक्रिया पर आपत्ति जताई।शिकायत में आरोप लगाया गया कि बूथ पर करीब 150 शिफ्ट किए गए मतदाताओं के नाम पर फर्जी वोट डाले गए। प्रत्याशियों ने मामले की जांच कराने और मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की है।
मतदाताओं ने भी जताई आपत्ति
दूसरे चरण के मतदान के दौरान कुछ अन्य स्थानों से भी ऐसे मामले सामने आए, जहां मतदाता वोट डालने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनके नाम पर पहले ही मतदान हो चुका है। इससे मतदान केंद्रों पर विवाद की स्थिति बनी।हालांकि, इन सभी मामलों में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। चुनाव अधिकारियों और पुलिस की ओर से मतदान केंद्रों पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।राजस्थान निकाय चुनाव के दूसरे चरण में हुई इन घटनाओं ने मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रत्याशियों की शिकायतों और फर्जी मतदान के आरोपों पर प्रशासन की जांच के नतीजों का इंतजार है।