राजस्थान निकाय चुनाव: चुनावी शोर थमा, अब मतदाता चुनेंगे वार्ड प्रतिनिधि; 162 निकायों में आज मतदान
राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर चल रहा चुनावी प्रचार अब थम चुका है। बुधवार को राज्य के मतदाता अपने-अपने वार्ड के प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पहले चरण में 162 नगरीय निकायों में मतदान कराया जा रहा है। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
162 नगरीय निकायों में होगा मतदान
पहले चरण के मतदान में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के वार्डों में मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इस चरण में कुल 162 नगरीय निकायों में मतदान हो रहा है। इनमें 4 नगर निगम, 27 नगर परिषद और 131 नगर पालिकाएं शामिल हैं।मतदान के लिए पोलिंग पार्टियों को रवाना किया जा चुका है और मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी व्यापक इंतजाम किए हैं।
प्रचार खत्म, अब मतदाताओं की बारी
निकाय चुनाव के लिए पिछले कई दिनों से चल रहा प्रचार अभियान अब समाप्त हो गया है। प्रत्याशियों ने घर-घर जनसंपर्क, सभाओं और रैलियों के जरिए मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश की।अब चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों की किस्मत मतदाताओं के हाथ में है। मतदान के बाद ही तय होगा कि कौन उम्मीदवार अपने वार्ड का प्रतिनिधित्व करेगा।
सुरक्षा के किए गए पुख्ता इंतजाम
चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए प्रशासन ने संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की है। जयपुर समेत कई क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।अधिकारियों ने मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बड़ी संख्या में प्रत्याशी मैदान में
पहले चरण के निकाय चुनाव में हजारों उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चरण में 5,393 वार्डों के लिए मतदान कराया जा रहा है, जिसमें 20 हजार से ज्यादा प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।राज्य की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के अलावा बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव लड़ रहे हैं। स्थानीय मुद्दे जैसे सड़क, पानी, सफाई, स्ट्रीट लाइट और विकास कार्य चुनाव में प्रमुख मुद्दे रहे हैं।
मतदाता तय करेंगे स्थानीय सरकार की दिशा
निकाय चुनाव स्थानीय स्तर पर विकास और प्रशासन से सीधे जुड़े होते हैं। वार्ड पार्षदों के चुनाव के जरिए शहरों में स्थानीय प्रतिनिधित्व तय होगा।राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाएं।राजस्थान में निकाय चुनाव का पहला चरण अब मतदान तक पहुंच गया है। प्रचार का शोर थमने के बाद बुधवार को मतदाता अपने वार्ड के भविष्य का फैसला करेंगे।