राजस्थान में अगले सप्ताह बारिश की संभावना, मौसम में उतार-चढ़ाव जारी
राजस्थान में सर्दी के उतार-चढ़ाव के बीच अगले सप्ताह मौसम में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के अनुसार, अगले सप्ताह जयपुर और बीकानेर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का सबसे अधिक असर 17 और 18 फरवरी को देखने को मिल सकता है। इस दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि अन्य हिस्सों में केवल आंशिक बादल और हवाओं में बदलाव देखा जा सकता है।
इसके पहले, मौसम साफ रहने की संभावना है और तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने से दिन में कुछ गर्मी महसूस हो सकती है, जबकि सुबह और शाम का न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहने से हल्की सर्दी बनी रहेगी।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मौसम के उतार-चढ़ाव में लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेष रूप से सुबह और रात के समय ठंड अधिक महसूस हो सकती है, जबकि दिन के समय हल्की धूप के कारण वातावरण गर्म लगेगा।
जयपुर और बीकानेर संभाग के जिलों में अगर बारिश होती है, तो इससे तापमान में अचानक गिरावट या बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यह मौसम किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों और खेती-बाड़ी पर भी असर डाल सकता है। इसलिए प्रशासन और स्थानीय लोग मौसम के अनुसार आवश्यक तैयारी कर सकते हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र ने यह भी चेतावनी दी है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के दौरान तेज हवाओं और आंधियों के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। इसके मद्देनजर लोगों को बाहर यात्रा करते समय सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि फरवरी के मध्य तक राजस्थान में मौसम में हल्की गर्मी और ठंड का मिश्रण बना रहेगा। दिन में धूप और हल्की गर्मी का अहसास रहेगा, जबकि सुबह और शाम में ठंड के कारण हल्की सर्दी महसूस होगी।
राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में अगले सप्ताह के मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन और जनता को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मौसम में बदलाव के कारण सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इस प्रकार, राजस्थान में अगले सप्ताह मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार हल्की बारिश के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। जनता को मौसम के अनुरूप तैयारी और सतर्कता बरतने की जरूरत है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।