राजस्थान में बारिश का दौर: जयपुर में एक घंटे झमाझम, वीडियो में जाने बांध के 3 गेट खोले; श्रीगंगानगर में 41°C तापमान
राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। राजधानी जयपुर में बुधवार दोपहर बाद तेज हवा के साथ करीब एक घंटे तक जोरदार बारिश हुई। बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। निचले क्षेत्रों में जलभराव के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, अलवर में भी देर शाम बारिश दर्ज की गई।
कोटा जिले के इटावा क्षेत्र में स्थित नोनेरा-ऐबरा बांध में पानी की आवक बढ़ने के बाद तीन गेट खोल दिए गए हैं। इन गेटों को करीब 5 मीटर तक खोला गया है। बांध से फिलहाल करीब 32 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बांध से पानी की निकासी के चलते प्रशासन की ओर से आसपास के क्षेत्रों में निगरानी रखी जा रही है।
बड़ी सादड़ी में 20 मिमी बारिश
चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ी सादड़ी में बुधवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। शाम तक कस्बे में करीब 20 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के चलते क्षेत्र के जलाशयों और अन्य जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ी है। इधर, जयपुर की लाइफलाइन माने जाने वाले बीसलपुर बांध में भी पानी की आवक बनी हुई है। बांध का वर्तमान जलस्तर 314.09 आरएल मीटर दर्ज किया गया है। पिछले 24 घंटे में बांध के जलस्तर में करीब 4 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। बारिश जारी रहने से बांध में पानी की आवक आगे भी बढ़ने की उम्मीद है।
पूर्वी राजस्थान में मंगलवार को जमकर बरसा पानी
इससे पहले मंगलवार को राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में कई स्थानों पर अच्छी बारिश हुई। बूंदी, कोटा, झालावाड़, सवाई माधोपुर, दौसा और टोंक के कई इलाकों में करीब 3 इंच तक बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद इन जिलों में कई तालाब, बांध और एनिकट छलक गए।धौलपुर में बारिश के दौरान नदी में एक युवक के बह जाने की घटना भी सामने आई। नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
पश्चिमी राजस्थान में बढ़ी गर्मी-उमस
जहां पूर्वी राजस्थान में बारिश से मौसम सुहाना हुआ है, वहीं प्रदेश के पश्चिमी जिलों में गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। श्रीगंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़ और चूरू में तापमान बढ़ने के साथ उमस भी महसूस की जा रही है।श्रीगंगानगर में बुधवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह अगस्त में पिछले दो वर्षों के दौरान राजस्थान में दर्ज किया गया सर्वाधिक तापमान बताया गया है।इस तरह राजस्थान में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बारिश से बांधों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ रही है, जबकि पश्चिमी जिलों में गर्मी और उमस का असर बना हुआ है।