आज 4 जिलों में बारिश का अलर्ट, जैसलमेर में पारा 40 पार; अब तक 21 फीसदी कम बरसात
राजस्थान में मानसून की विदाई का दौर शुरू होते ही बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने लगी हैं। सोमवार को प्रदेश के केवल 4 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहने की संभावना है। बारिश कम होने के साथ पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर फिर बढ़ने लगा है। जैसलमेर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है।
मानसून की विदाई के साथ कमजोर हुई बारिश
रविवार को राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ रहा। हालांकि उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और भरतपुर समेत कुछ इलाकों में दोपहर बाद बादल छाए और हल्की बारिश हुई। चित्तौड़गढ़ के कपासन में सबसे ज्यादा 13 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। डूंगला में 3 मिलीमीटर, उदयपुर के भींडर में 5 मिलीमीटर, कानोड़ में 4 मिलीमीटर और भरतपुर के भुसावर में 3 मिलीमीटर बारिश हुई। जोधपुर में 4.5 मिलीमीटर और बारां के शाहबाद में 8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
जैसलमेर में 40 डिग्री के पार पहुंचा पारा
बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ राजस्थान में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जैसलमेर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। वहीं बाड़मेर में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग के ज्यादातर हिस्सों में दिनभर धूप रही। कुछ जगह हल्के बादल दिखाई दिए, लेकिन बारिश का जोर नहीं रहा। जयपुर में रविवार को अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सामान्य से 21 फीसदी कम बारिश
इस मानसून सीजन में राजस्थान में बारिश सामान्य से कम रही है। प्रदेश में अब तक सामान्य के मुकाबले करीब 21 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। मानसून की विदाई के समय भी बारिश का दायरा सीमित होने से बारिश की कमी पूरी होने की संभावना कम होती जा रही है। पश्चिमी राजस्थान में इसका असर ज्यादा दिखाई दे रहा है।
अगले 4-5 दिन कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों तक राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है। बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने से कई इलाकों में दिन का तापमान बढ़ सकता है। पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर अपेक्षाकृत ज्यादा रहने की संभावना है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के जयपुर केंद्र के अनुसार 21 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक और बिजली से जुड़ी गतिविधियों की चेतावनी है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। 22 सितंबर के बाद 27 सितंबर तक दोनों संभागों के लिए कोई चेतावनी दर्ज नहीं है।
ऐसे में राजस्थान में मानसून की विदाई के साथ अब मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में बारिश की तुलना में साफ आसमान और बढ़ते तापमान का असर अधिक देखने को मिल सकता है।