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राहुल गांधी ने गिग वर्कर्स के मुद्दे को उठाया, एक्सक्लूसिव वीडियो में देंखे BJP पर किया आरोप

 

कांग्रेस ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की गिग वर्कर्स के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात दिखाई गई। इस मुलाकात में राहुल गांधी ने गिग वर्कर्स के अधिकारों और उनके साथ हो रहे कथित अन्याय पर जोरदार बयान दिया।

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वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि राज्यों और केंद्र में सत्ता में बैठी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकारें गिग वर्कर्स के साथ अन्याय कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गिग वर्कर्स की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है और उनके लिए कोई ठोस नीति या कानून नहीं बन रहा।

राहुल गांधी ने विशेष रूप से कहा कि गिग कंपनियों के लिए कोई मजबूत कानून नहीं हैं, जिससे वर्कर्स के अधिकार सुरक्षित नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गिग वर्कर्स को सोशल सिक्योरिटी और सामाजिक सुरक्षा के अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं, और कंपनियों की किसी भी तरह की जवाबदेही तय नहीं की गई है।

गिग वर्कर्स यानी ऐसे कर्मचारी जो फ्रीलांसिंग, ऑन-डिमांड या डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अस्थायी रूप से काम करते हैं। इनमें कैब ड्राइवर, डिलीवरी पार्टनर, फ्रीलांस डिज़ाइनर और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले लोग शामिल हैं। राहुल गांधी ने कहा कि इन वर्कर्स के लिए उचित वेतन, सुरक्षा और कानूनी संरक्षण होना चाहिए, ताकि वे आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बने रहें।

कांग्रेस ने इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया कि यह मुलाकात पार्टी की जनता के हित में काम करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पार्टी ने कहा कि गिग वर्कर्स का मुद्दा केवल रोजगार का नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और आर्थिक सुरक्षा का सवाल भी है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम कांग्रेस की ओर से गिग वर्कर्स और फ्रीलांसिंग समुदाय में अपनी पहुंच मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। पिछले कुछ महीनों में गिग वर्कर्स के अधिकारों और उनके कामकाज की शर्तों को लेकर कई राज्य सरकारों और केंद्रीय एजेंसियों में बहस चल रही है।

इस दौरान राहुल गांधी ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को गिग वर्कर्स के लिए एक ठोस और जवाबदेह कानून बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि गिग कंपनियों के लिए नियम स्पष्ट और पारदर्शी होंगे, तो वर्कर्स का शोषण कम होगा और उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि गिग वर्कर्स की समस्याएं लंबे समय से अनदेखी की गई हैं। रोजगार के बदलते स्वरूप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव के कारण यह वर्ग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में उनकी सुरक्षा, कानूनी अधिकार और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार और कंपनियों की जिम्मेदारी बनता है।

राहुल गांधी की यह बैठक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कांग्रेस के समर्थक इसे गिग वर्कर्स के हित में एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं, जबकि राजनीतिक विरोधी इसे चुनावी रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।

इस प्रकार, राहुल गांधी की गिग वर्कर्स से मुलाकात ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय ध्यान में लाया है और यह स्पष्ट किया है कि गिग वर्कर्स के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर बहस और नीतिगत बदलाव की जरूरत है।