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जोधपुर के आसमान में रात में गरजे राफेल, कॉकपिट से पायलट ने बनाया वीडियो; प्रचंड हेलिकॉप्टर देख मलेशियाई एयर वॉरियर्स हुए हैरान

 

जोधपुर में चल रहे युद्धाभ्यास तरंग शक्ति 2026 के दौरान भारतीय और विदेशी वायुसेनाओं के बीच तालमेल और सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। अभ्यास के तहत मंगलवार को जोधपुर एयरबेस पर नाइट ऑपरेशन्स किए गए। इस दौरान रात के आसमान में लड़ाकू विमानों की गर्जना सुनाई दी। राफेल लड़ाकू विमान ने भी अभ्यास में हिस्सा लिया, जबकि स्वदेशी प्रचंड हेलिकॉप्टर ने विदेशी एयर वॉरियर्स का ध्यान खींचा।

युद्धाभ्यास के पेगासे 26 मिशन में संयुक्त अरब अमीरात स्थित फ्रांसीसी सैन्य एयरबेस से राफेल लड़ाकू विमान जोधपुर पहुंचे और अभ्यास में शामिल हुए। इसी दौरान एक राफेल पायलट ने कॉकपिट से एक्सरसाइज का वीडियो भी रिकॉर्ड किया। विमान के भीतर से दिखाई दे रहे ऑपरेशन के दृश्यों ने अभ्यास की तैयारियों और हवाई गतिविधियों की झलक दिखाई।

प्रचंड हेलिकॉप्टर को देखकर मलेशियाई एयर वॉरियर्स हैरान

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अभ्यास में भारत के स्वदेशी प्रचंड हेलिकॉप्टर ने भी हिस्सा लिया। इसे देखकर मलेशिया से आए एयर वॉरियर्स ने खास दिलचस्पी दिखाई। प्रचंड भारतीय वायुसेना का स्वदेशी लड़ाकू हेलिकॉप्टर है, जिसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑपरेशन के लिए विकसित किया गया है।तरंग शक्ति जैसे बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास में अलग-अलग देशों के सैन्यकर्मियों को एक-दूसरे के प्लेटफॉर्म, ऑपरेशनल प्रक्रियाओं और क्षमताओं को करीब से समझने का मौका मिलता है।

रात में शुरू हुआ हवाई अभ्यास

जोधपुर एयरबेस पर नाइट ऑपरेशन्स के दौरान लड़ाकू विमानों ने रात में उड़ान भरी। आफ्टरबर्नर के साथ उड़ान भरते विमानों की आवाज से जोधपुर का आसमान गूंज उठा। रात के ऑपरेशन्स के दौरान पायलट और ग्राउंड क्रू के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला।फ्रांसीसी वायुसेना की ओर से भी नाइट ऑपरेशन्स को लेकर खास अंदाज में प्रतिक्रिया दी गई। फ्रांसीसी पक्ष ने कहा कि भारत की रात की खामोशी में जेट इंजनों के आफ्टरबर्नर की गर्जना और बड़े हवाई अभ्यास से ठीक पहले का समय बेहद खास महसूस होता है। इस दौरान ग्राउंड क्रू और पायलट आपसी तालमेल के साथ मिशन की तैयारियों में जुटे रहे।

कई देशों की वायुसेनाएं ले रही हैं हिस्सा

तरंग शक्ति 2026 में विभिन्न देशों की वायुसेनाओं की भागीदारी से संयुक्त हवाई अभियानों का अभ्यास किया जा रहा है। इसमें पायलटों और ग्राउंड स्टाफ को अलग-अलग परिस्थितियों में साथ काम करने का अनुभव मिल रहा है।जोधपुर में हो रहे नाइट ऑपरेशन्स ने अभ्यास को और महत्वपूर्ण बना दिया है। दिन के साथ-साथ रात में भी उड़ान और मिशन गतिविधियों के जरिए वायुसेनाएं अपने ऑपरेशनल तालमेल को परख रही हैं। राफेल की भागीदारी और स्वदेशी प्रचंड हेलिकॉप्टर के प्रदर्शन ने भी इस अभ्यास को खास बना दिया है।