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राजस्थान में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से रबी फसलों का नुकसान: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से होगी राहत

 

राजस्थान में इस समय बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, चक्रवर्ती वर्षा और चक्रवात जैसी आपदाएँ किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। कृषि विभाग ने बताया कि कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी रबी फसल यदि इन प्राकृतिक आपदाओं के कारण 14 दिनों की अवधि में खराब हो जाती है, तो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत नुकसान की भरपाई प्राप्त कर सकते हैं।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष मौसम का असामान्य परिवर्तन रबी फसलों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। गेहूं, जौ, चना और सरसों जैसी मुख्य रबी फसलों को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। कटाई के बाद खेत में सुखाई जा रही फसल भी इन परिस्थितियों में सुरक्षित नहीं रह पा रही है।

कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि वे अपनी फसलों का बीमा कराएँ और पीएमएफबीवाई योजना के तहत आवश्यक दस्तावेज़ जमा करें। अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत न केवल खेत में लगी फसल बल्कि कटाई के बाद सुखाई जा रही फसल का भी बीमा कवरेज है। इससे किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान का तत्काल आर्थिक संरक्षण मिलेगा।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान को फसल के नुकसान का मुआवजा उनके बीमा मूल्यांकन के अनुसार भुगतान किया जाता है। विभाग के अधिकारीयों ने बताया कि योजना के अंतर्गत नुकसान का आंकलन तकनीकी टीम और स्थानीय अधिकारियों द्वारा किया जाएगा, ताकि हर प्रभावित किसान को न्यायसंगत राशि मिले।

विशेषज्ञों ने कहा कि इस तरह की बीमा योजना किसानों के लिए एक सुरक्षा जाल का काम करती है। विशेषकर राजस्थान जैसे सूखा-प्रवण और सीमावर्ती क्षेत्रों में, जहां मौसम का अचानक बदलाव और बेमौसम आपदाएँ आम हैं, किसानों की आय और आजीविका की रक्षा के लिए बीमा योजना बेहद महत्वपूर्ण है।

किसानों ने इस योजना की सराहना की है। उनका कहना है कि पहले प्राकृतिक आपदाओं से फसल खराब होने पर आर्थिक नुकसान का भार पूरा उनके ऊपर पड़ता था। लेकिन अब पीएमएफबीवाई योजना के तहत उन्हें अपने नुकसान की भरपाई मिल सकेगी, जिससे खेती को लेकर उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।

कृषि विभाग ने राज्य भर के जिलों में जागरूकता अभियान भी चलाया है। इसमें किसानों को बीमा योजना की प्रक्रिया, आवेदन और दावा दायर करने की पूरी जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि कटाई के बाद फसल को सुखाने के दौरान सुरक्षा उपायों का पालन करने से नुकसान की संभावना कम की जा सकती है।

राजस्थान में इस वर्ष बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों के लिए खतरा अधिक है। लेकिन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत उन्हें वित्तीय सुरक्षा और राहत मिलने से कृषि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से भविष्य में भी किसानों की आजीविका सुरक्षित रहेगी।

इस प्रकार, राजस्थान के किसानों को कटाई के बाद सुखाई जा रही रबी फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए पीएमएफबीवाई योजना का लाभ मिलने से उम्मीद है कि प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद उनकी खेती टिकाऊ और लाभकारी बनी रहेगी।