×

राजस्थान में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल: प्रसूताओं की मौत के बाद अब आंखों के ऑपरेशन में इंफेक्शन के मामले, मरीजों की बढ़ी चिंता

 

राजस्थान में चिकित्सा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रसूताओं की मौत के मामलों का विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब आंखों के ऑपरेशन के बाद मरीजों में इंफेक्शन फैलने के मामले सामने आने लगे हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद जरूरी सावधानियां नहीं बरती गईं, जिसके चलते उनकी आंखों में संक्रमण की समस्या पैदा हुई।

ऑपरेशन के बाद बिगड़ी मरीजों की हालत

जानकारी के अनुसार, कुछ मरीजों की आंखों का ऑपरेशन होने के बाद उनकी स्थिति में सुधार आने के बजाय परेशानी बढ़ गई। ऑपरेशन के कुछ समय बाद आंखों में दर्द, लालिमा और संक्रमण जैसी शिकायतें सामने आईं। मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से इस संबंध में शिकायत की और पूरे मामले की जांच की मांग की।

मेडिकल विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

प्रदेश में हाल के दिनों में चिकित्सा लापरवाही से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। प्रसूताओं की मौत के बाद अब आंखों के ऑपरेशन में इंफेक्शन के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।लोगों का कहना है कि सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा के लिए तय मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए।

संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, आंखों के ऑपरेशन जैसे संवेदनशील मामलों में उपकरणों की साफ-सफाई, ऑपरेशन थिएटर की स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का पालन बेहद जरूरी होता है।यदि इनमें किसी तरह की लापरवाही होती है तो मरीजों को गंभीर नुकसान हो सकता है।

जांच और कार्रवाई की मांग

मामले सामने आने के बाद मरीजों और परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि लापरवाही करने वालों पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी मामलों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की बात कही जा रही है।

मरीजों का भरोसा बनाए रखना चुनौती

स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती मरीजों का भरोसा बनाए रखना है। विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई करने से ही ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है।