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राजस्थान में खेल कोटे की नौकरी पर सवाल, AIU गेम्स में फर्जी मेडल और सर्टिफिकेट का खेल उजागर

 

राजस्थान में खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में मिलने वाले 2 प्रतिशत खेल कोटे का लाभ उठाने के लिए बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) गेम्स के नाम पर फर्जी खेल उपलब्धियां और प्रमाण पत्र तैयार कर नौकरी हासिल करने का प्रयास किया गया।

एक जांच में सामने आया है कि कुछ खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही मेडल जीतने के प्रमाण दिखाकर खेल कोटे के तहत नौकरी के लिए आवेदन कर दिया। इसके बाद विश्वविद्यालयों से ऐसे प्रमाण पत्र जारी किए गए, जिनमें खिलाड़ियों के टूर्नामेंट में भाग लेने का दावा किया गया, जबकि कई मामलों में उनके विश्वविद्यालय में प्रवेश तक नहीं होने की बात सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरी पाने के लिए खिलाड़ी अपनी खेल उपलब्धियों के प्रमाण पत्र प्रस्तुत करते हैं। इसी व्यवस्था का फायदा उठाने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने AIU गेम्स में भागीदारी और पदक जीतने से जुड़े प्रमाण पत्रों में हेरफेर किया।

पड़ताल में यह भी सामने आया कि कुछ खिलाड़ियों के नाम ऐसे टूर्नामेंट रिकॉर्ड में मिले, जिनमें उनकी भागीदारी संदिग्ध बताई जा रही है। कई मामलों में विश्वविद्यालय स्तर पर खिलाड़ियों के एडमिशन और खेल गतिविधियों के रिकॉर्ड में भी अंतर पाया गया है।

खेल विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का फर्जीवाड़ा वास्तविक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ अन्याय है। जो खिलाड़ी वर्षों तक मेहनत करके राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचते हैं, उन्हें ऐसे मामलों के कारण नुकसान उठाना पड़ सकता है।

राज्य में खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरियों में चयन के लिए प्रमाण पत्रों की जांच की प्रक्रिया होती है, लेकिन अगर दस्तावेजों में ही हेरफेर किया जाए तो व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। अब जरूरत है कि प्रमाण पत्र जारी करने वाली संस्थाओं और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए।

मामला सामने आने के बाद खेल विभाग और संबंधित एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर लाभ लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

अधिकारियों का कहना है कि खेल उपलब्धियों से जुड़े दस्तावेजों की सत्यता जांचना जरूरी है, ताकि केवल वास्तविक खिलाड़ियों को ही खेल कोटे का लाभ मिल सके।

राजस्थान में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खेल कोटा लागू किया गया है। ऐसे में AIU गेम्स से जुड़े कथित फर्जीवाड़े ने इस व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर इस मामले में होने वाली जांच और आगे की कार्रवाई पर है।