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राजस्थान में पौधारोपण के दावों पर सवाल! 11.57 करोड़ पौधे लगाने का दावा, वीडियो में जाने लेकिन सत्यापन सिर्फ 1.69 करोड़ का

 

राजस्थान में पिछले वर्ष चलाए गए वृक्षारोपण अभियान को लेकर सरकार के आंकड़ों ने नई चर्चा छेड़ दी है। राज्य सरकार ने अभियान के तहत 11.57 करोड़ पौधे लगाने और उनकी जियो-टैगिंग का दावा किया था, लेकिन अब तक हुए भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) में केवल 1.69 करोड़ पौधों का ही सत्यापन हो सका है। बाकी पौधों का भौतिक सत्यापन अभी नहीं हुआ है। यह जानकारी संसद में अमरा राम के सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने दी।

1.69 करोड़ पौधों का हुआ सत्यापन

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केंद्रीय मंत्री के अनुसार, राजस्थान में पिछले वर्ष लगाए गए 1.69 करोड़ पौधों का भौतिक सत्यापन पूरा किया जा चुका है। इनमें से 1.36 करोड़ पौधे जीवित पाए गए, जबकि 32.46 लाख पौधे विभिन्न कारणों से नष्ट हो गए।आंकड़ों के अनुसार, सत्यापित पौधों में करीब 19 प्रतिशत पौधे जीवित नहीं रहे, जबकि 80 प्रतिशत से अधिक सर्वाइवल रेट दर्ज किया गया है। सरकार ने इसे वृक्षारोपण अभियान का सकारात्मक परिणाम बताया है।

बाकी पौधों के सत्यापन का इंतजार

हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि 11.57 करोड़ पौधे लगाने के दावे के मुकाबले अब तक केवल 1.69 करोड़ पौधों का ही भौतिक सत्यापन हुआ है। शेष पौधों का सत्यापन अभी बाकी है, इसलिए उनके अस्तित्व और जीवित रहने की स्थिति पर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

संसद में उठे इस मुद्दे के बाद विपक्ष ने वृक्षारोपण अभियान की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि केवल जियो-टैगिंग पर्याप्त नहीं है, बल्कि सभी लगाए गए पौधों का समयबद्ध भौतिक सत्यापन भी होना चाहिए, ताकि अभियान की वास्तविक सफलता का आकलन किया जा सके।

सरकार का दावा

सरकार का कहना है कि वृक्षारोपण अभियान के तहत लगाए गए पौधों की निगरानी लगातार की जा रही है और जहां पौधे नष्ट हुए हैं, वहां दोबारा पौधारोपण और संरक्षण के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, पौधों के संरक्षण में स्थानीय निकायों और संबंधित विभागों की भी जिम्मेदारी तय की गई है।राजस्थान में हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान के बीच सामने आए इन आंकड़ों ने निगरानी व्यवस्था और पौधों के संरक्षण को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। अब आने वाले समय में शेष पौधों के भौतिक सत्यापन के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि राज्य में लगाए गए 11.57 करोड़ पौधों में से कितने वास्तव में सुरक्षित और जीवित हैं।