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अलवर में घटिया सड़क निर्माण पर PWD का एक्शन, वीडियो में जाने AEN-JEN से मांगा जवाब; ठेकेदार को डिबार करने की उठी मांग

 

राजस्थान के अलवर जिले में घटिया सड़क निर्माण की शिकायत के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) हरकत में आ गया है। सड़क की गिट्टी उखड़ने और गुणवत्ता पर सवाल उठने के मामले में विभाग ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और संबंधित ठेकेदार को डिबार करने की मांग उठाई है।

मामला लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में गोपालपुरा मोड़ से गोपालपुरा होते हुए टोडा गांव के ठेकड़ा तक बनाई गई सड़क का है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की हालत इतनी खराब हो गई कि इसकी गिट्टी और रोड़ियां हाथ से उखड़ने लगी थीं। सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई और विरोध जताया। इसके बाद विभाग ने मामले में कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

AEN और JEN के खिलाफ कार्रवाई के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

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सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर PWD के SE भूरी सिंह ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने XEN को AEN मुकेश कुमार मीणा और JEN जमशीदा बानो के खिलाफ कार्रवाई के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

विभाग की ओर से जारी पत्र में सवाल उठाया गया है कि संबंधित AEN और JEN के खिलाफ कार्रवाई के प्रस्ताव अब तक क्यों तैयार नहीं किए गए। अधिकारी को इस देरी का कारण स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। साथ ही, कार्रवाई के प्रस्ताव तैयार कर उन्हें उच्चाधिकारियों को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इस मामले में विभाग की ओर से जवाब मांगे जाने के बाद संबंधित अधिकारियों की भूमिका और सड़क निर्माण की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों के खिलाफ अंतिम कार्रवाई जांच और विभागीय प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

ग्रामीणों ने सड़क की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़क बनने के बाद ही उसकी गिट्टी उखड़ने लगी और रोड़ियां हाथ में आने लगीं। ग्रामीणों ने इसे निर्माण कार्य में लापरवाही का मामला बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों की शिकायत के बाद सड़क की खराब स्थिति का मामला विभाग तक पहुंचा। इसके बाद अधिकारियों से जवाब तलब करने और कार्रवाई के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्रामीणों की मांग है कि सड़क निर्माण में लापरवाही बरतने वालों की जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को डिबार करने की मांग भी उठाई है। डिबार किए जाने पर ठेकेदार को निर्धारित नियमों के तहत सरकारी कार्यों के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

विभागीय कार्रवाई पर टिकी निगाहें

PWD की ओर से अब संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया है और कार्रवाई के प्रस्ताव उच्चाधिकारियों तक भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया है। विभाग यह स्पष्ट करना चाहता है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आने के बावजूद कार्रवाई के प्रस्ताव तैयार करने में देरी क्यों हुई।

फिलहाल इस मामले में विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि शिकायत के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएंगे। सड़क की गुणवत्ता से जुड़े इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर अब स्थानीय लोगों की निगाहें टिकी हैं।